टूटी सड़क, बढ़ती रंगदारी और घाटे से नाराज वाहन मालिकों का ऐलान—मांगें पूरी नहीं तो एक भी गाड़ी नहीं चलेगी।
पाकुड़। पछूवाड़ा कोल ट्रांसपोर्ट समिति की अहम बैठक में शनिवार (18 अप्रैल) से कोयला परिवहन पूरी तरह ठप करने का सर्वसम्मत निर्णय लिया गया है। समिति ने साफ कहा है कि BGR और DBL कंपनी के अंतर्गत चल रहे वाहनों को भारी नुकसान, खराब सड़क, बढ़ती रंगदारी और कंपनी की असहयोगी नीति के कारण अब वाहन मालिकों ने अनिश्चितकालीन रूप से अपने वाहन खड़े करने का फैसला लिया है। बैठक में मौजूद ट्रांसपोर्टरों ने एक स्वर में कहा कि मौजूदा हालात में काम करना घाटे का सौदा बन चुका है। रोजाना खराब सड़कों पर गाड़ियों की टूट-फूट, कोयला चोरी की घटनाओं में बढ़ोतरी और सुरक्षा के नाम पर कोई ठोस इंतजाम नहीं होने से स्थिति और बिगड़ती जा रही है।
ये हैं ट्रांसपोर्टरों की प्रमुख मांगें:
माल भाड़ा में तत्काल बढ़ोतरी की जाए
कोयला खदान से पाकुड़ रेलवे साइडिंग तक सड़क की जर्जर स्थिति सुधारने, रंगदारी व कोयला चोरी पर रोक लगाने के लिए ठोस कार्रवाई हो
DBL कंपनी की रोड मैनेजमेंट व्यवस्था में बदलाव किया जाए, साथ ही एक्सीडेंटल नियमावली में मनमानी पर रोक लगे
ट्रांसपोर्ट समिति ने चेतावनी दी है कि जब तक इन मांगों पर ठोस और लिखित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक एक भी वाहन कोयला परिवहन के लिए नहीं उतारा जाएगा। इस फैसले से पाकुड़ क्षेत्र में कोयला आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है। ट्रांसपोर्टरों ने साफ संदेश दिया है कि अब वे नुकसान झेलकर काम नहीं करेंगे और कंपनियों को जमीनी समस्याओं का समाधान करना ही होगा।





