आंगनबाड़ी, प्रखंड, अस्पताल व स्कूलों का लिया जायजा, अवैध कब्जा हटाने और अधूरे कार्य जल्द पूरा करने को कहा।
पाकुड़। जिले में विकास योजनाओं की असली स्थिति जानने के लिए उपायुक्त मेघा भारद्वाज शनिवार को फुल एक्शन मोड में नजर आईं। आंगनबाड़ी केंद्रों से लेकर प्रखंड कार्यालय, स्वास्थ्य केंद्र, विद्यालय और निर्माणाधीन परियोजनाओं तक लगातार निरीक्षण कर उन्होंने साफ कर दिया कि अब काम सिर्फ कागजों पर नहीं, जमीन पर दिखना चाहिए। सदर प्रखंड के सोनाजोड़ी स्थित आंगनबाड़ी सह प्री-नर्सरी केंद्र और हिरणपुर के मणिडांगा केंद्र में उपायुक्त ने बच्चों की पढ़ाई, पोषण और साफ-सफाई की व्यवस्था को बारीकी से परखा। पोषाहार की गुणवत्ता, उपस्थिति रजिस्टर और स्वास्थ्य उपकरणों की जांच करते हुए उन्होंने हर बच्चे को संतुलित आहार और सुरक्षित वातावरण देने पर जोर दिया। मणिडांगा केंद्र को मॉडल आंगनबाड़ी बनाने की घोषणा करते हुए बिजली और पानी की समस्या जल्द दूर करने का आश्वासन दिया। पाकुड़िया प्रखंड कार्यालय में योजनाओं की समीक्षा के दौरान मनरेगा, अबुआ आवास, पंचायत विकास और राजस्व कार्यों पर उपायुक्त ने सख्त रुख अपनाया। अधूरे आवास जल्द पूरा कर लाभुकों को सौंपने, कार्यालय को साफ-सुथरा और जनसुलभ बनाने तथा अनुपयोगी भवनों को उपयोग में लाने के निर्देश दिए। बिरसा हरित ग्राम योजना में लक्ष्य पूरा होने पर संतोष जताते हुए उन्होंने स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कराने को कहा। स्वास्थ्य व्यवस्था की जांच में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाकुड़िया के ओपीडी, लैब, वार्ड और प्रसूति कक्ष का निरीक्षण कर मरीजों को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। निर्माणाधीन मॉडल अस्पताल की प्रगति की समीक्षा कर कार्य में तेजी लाने को कहा गया। निरीक्षण के दौरान करोड़ों की लागत से बने लेकिन बेकार पड़े उत्क्रमित बालिका उच्च विद्यालय भवन पर अवैध कब्जे की जानकारी मिलने पर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई और तत्काल कब्जा हटाकर भवन को उपयोग में लाने का निर्देश दिया। पीएम श्री स्कूल परिसर में गंदगी पर भी उन्होंने सख्त हिदायत दी। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि योजनाओं की सफलता कागजी रिपोर्ट से नहीं, बल्कि आम लोगों तक पहुंचने वाले वास्तविक लाभ से तय होगी। सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करते हुए हर योजना को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्ता के साथ पूरा करना होगा।








