मकड़े जाल की तरह बिजली खंभों पर बिजली तार उलझे हुए दिखाई देते हैं, जिनकी सुध लेने वाला कोई नहीं।
मेंटेनेंस के नाम पर आए दिन बिजली काटने वाला विभाग सिर्फ अपनी नाकामी को छुपाता है।
पाकुड़ के शहरकोल पंचायत में शनिवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब 11 हजार वोल्ट का बिजली तार अचानक टूटकर रिहायशी इलाके में गिर पड़ा। तार में करंट प्रवाहित था, लेकिन गनीमत रही कि कोई इसकी चपेट में नहीं आया और एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने सतर्कता दिखाते हुए विद्युत विभाग को सूचना दी, जिसके बाद बिजली आपूर्ति बंद कराई गई। कुछ घंटों बाद जब विभागीय कर्मी तार जोड़ने पहुंचे तो ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। लोगों ने काम रुकवा दिया और मांग की कि घनी आबादी के बीच से गुजर रही इस खतरनाक लाइन को हटाया जाए, वरना कभी भी जानलेवा हादसा हो सकता है। स्थिति बिगड़ती देख नगर थाना पुलिस को बुलाया गया। पुलिस और विभागीय अधिकारियों के समझाने के बाद ही तार जोड़ने का काम शुरू हो सका। हालांकि मरम्मत के बाद भी ग्रामीणों का विरोध जारी रहा। स्थानीय निवासी राम साहा सहित कई लोगों ने बताया कि घरों के ऊपर से गुजर रही हाई वोल्टेज लाइन के कारण वे अपने मकान का निर्माण तक नहीं कर पा रहे हैं। हर समय तार टूटने और करंट फैलने का डर बना रहता है, जिससे जान-माल का खतरा लगातार बना हुआ है। विद्युत विभाग के कनीय अभियंता आशीष पटेल ने बताया कि यह 11हजार वोल्ट की लाइन सोनाजोड़ी सदर अस्पताल की बिजली आपूर्ति के लिए है। उन्होंने माना कि लाइन बिछाए जाने के समय यहां इतनी घनी आबादी नहीं थी। अब स्थानीय लोगों की मांग को देखते हुए लाइन को मुख्य सड़क के किनारे से ले जाने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया में थोड़ा समय लगेगा, लेकिन जल्द ही लाइन को रिहायशी इलाके से हटाया जाएगा। इधर, शहर और आसपास के क्षेत्रों में बिजली तारों का जाल और बार-बार मेंटेनेंस के नाम पर कटौती को लेकर लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग को अस्थायी मरम्मत के बजाय स्थायी समाधान पर ध्यान देना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।






