लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन, रात्रि गश्ती तेज करने, सड़क सुरक्षा व बकरीद को लेकर विशेष तैयारी के निर्देश
पाकुड़। पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में मंगलवार को मासिक अपराध गोष्ठी सह समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिले की कानून-व्यवस्था, लंबित कांडों की स्थिति, यातायात व्यवस्था, त्योहारों की तैयारी सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना एवं ओपी प्रभारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि अप्रैल माह में 76 कांडों के प्रतिवेदन के मुकाबले 82 कांडों का निष्पादन किया गया, जबकि शेष लंबित मामलों की समीक्षा कर उनके त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया गया।संपत्तिमूलक अपराधों—जैसे लूट, डकैती, चोरी, गृहभेदन एवं छिनतई—पर सख्ती दिखाते हुए पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिया कि ऐसे मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र उद्भेदन एवं निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। अपराध नियंत्रण को लेकर थाना गश्ती एवं टाइगर मोबाइल टीम को रात्रि में सघन जांच अभियान चलाने का आदेश दिया गया, ताकि असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। इसके साथ ही बाल विवाह, नशामुक्ति, मानव तस्करी, साइबर अपराध, महिला अत्याचार एवं सड़क सुरक्षा जैसे विषयों पर प्रत्येक माह स्कूल, कॉलेज एवं बाजार क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया।
सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी को देखते हुए यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए जिला परिवहन पदाधिकारी के साथ समन्वय कर नियमित वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। इसमें हेलमेट, सीट बेल्ट, वाहन रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस की जांच के साथ-साथ ड्रंकन ड्राइव के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा गया। साथ ही दुर्घटना पीड़ितों को समय पर मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश भी दिए गए। अपराधियों पर नियंत्रण के लिए सक्रिय अपराधकर्मियों पर सीसीए एक्ट के तहत कार्रवाई करने, विगत पांच वर्षों के गंभीर मामलों के अपराधियों का नाम निगरानी एवं दागी पंजी में दर्ज करने तथा असामाजिक तत्वों को गुंडा पंजी में शामिल कर सतत निगरानी रखने का आदेश दिया गया। न्यायालय से जुड़े मामलों में अनुसंधानकर्ता एवं गवाहों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने, केस डायरी एवं अभिलेखों को समय पर समर्पित करने पर विशेष जोर दिया गया। थानों में आने वाले शिकायतकर्ताओं के साथ शालीन व्यवहार अपनाने और उनकी शिकायतों पर विधिसम्मत त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
आगामी बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए शांति समिति की बैठकें आयोजित करने, संवेदनशील स्थानों की पहचान कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, फ्लैग मार्च एवं मॉक ड्रिल कराने तथा उपद्रवियों पर निरोधात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। बैठक में सीसीए एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर पुलिस पदाधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया। अंत में पुलिस सभा का आयोजन कर अधिकारियों एवं कर्मियों की समस्याएं सुनी गईं और उनके समाधान के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।





