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May 30, 2026 12:05 am

संथाल परगना में जनसंख्या बदलाव पर गरजे बाबूलाल मरांडी, “घुसपैठ बना बड़ा खतरा, अब नहीं चलेगा खेल”

पाकुड़ झारखंड में राजनीतिक सरगर्मियां लगातार तेज होती जा रही हैं। इसी कड़ी में पूर्व मुख्यमंत्री सह नेता प्रतिपक्ष बाबुलाल मरांडी ने पाकुड़ में आयोजित भाजपा के जिला प्रशिक्षण शिविर के समापन में राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि झारखंड में घुसपैठ की समस्या गंभीर होती जा रही है और अब घुसपैठियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि “घुसपैठियों को भारत छोड़कर जाना होगा।” पाकुड़ के सिंधीपाड़ा धर्मशाला में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान 2026 के तहत आयोजित दो दिवसीय जिला प्रशिक्षण शिविर का समापन समारोह हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए। समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठन को मजबूत करने और राष्ट्रहित के मुद्दों को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है और 140 करोड़ देशवासी इस लक्ष्य को पूरा करने में जुटे हुए हैं। भाजपा कार्यकर्ता राष्ट्र निर्माण की सोच को लेकर लगातार जनता के बीच काम कर रहे हैं। अपने संबोधन में बाबूलाल मरांडी ने झारखंड सरकार की कार्यशैली पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति बदहाल हो चुकी है। भ्रष्टाचार, अपराध और प्रशासनिक अव्यवस्था ने पूरे सिस्टम को कमजोर कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने चुनाव के दौरान जनता से जो वादे किए थे, वे आज तक पूरे नहीं किए। महिलाओं को आर्थिक सहायता, सस्ती गैस सिलेंडर, किसानों को उचित समर्थन मूल्य और 24 घंटे बिजली देने जैसे वादे सिर्फ चुनावी घोषणा बनकर रह गए हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल, झारखंड सहित अन्य राज्यों और विशेष रूप से संथाल परगना में जनसंख्या संरचना में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। इन परिवर्तनों के कारणों का अध्ययन करने के लिए केंद्र सरकार ने कमेटी का गठन किया है। उन्होंने इसे चिंता का विषय और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला बताया।उन्होंने कहा कि कमेटी यह अध्ययन करेगी कि आखिर जनसांख्यिकी में किस प्रकार का परिवर्तन हुआ है। बाबूलाल मरांडी ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि संथाल परगना में वर्ष 1951 में आदिवासियों की आबादी 44 प्रतिशत थी, जो अब घटकर 28 प्रतिशत रह गई है। उन्होंने कहा कि 16 प्रतिशत की यह गिरावट चिंताजनक है। वहीं मुस्लिम आबादी 8-9 प्रतिशत से बढ़कर 22 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उन्होंने यह भी कहा कि सनातनी आबादी में भी अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है।उन्होंने दावा किया कि यह बदलाव घुसपैठ के कारण हुआ है। पहले इस विषय को स्वीकार नहीं किया जाता था, लेकिन अब लोग इसे मानने लगे हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद बांग्लादेश में भगदड़ जैसी स्थिति बनी हुई है। उन्होंने सुझाव दिया कि वर्ष 2003 के बाद आए लोगों को एसआईआर के माध्यम से बाहर किया जाए, जबकि उससे पहले आए लोगों के लिए एनआरसी लागू किया जाना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में भाजपा नेताओं ने कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और राज्य सरकार की नीतियों तथा विफलताओं को जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया। बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे को भी गंभीर बताते हुए उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में अवैध घुसपैठिए झारखंड में प्रवेश कर चुके हैं और उन्हें राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के कारण अवैध तरीके से आधार कार्ड और वोटर कार्ड बनाए जा रहे हैं, जिससे राज्य की सुरक्षा और सामाजिक संतुलन प्रभावित हो रहा है। कार्यक्रम के अंत में भाजपा नेताओं ने कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और राज्य सरकार की नीतियों तथा विफलताओं को जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया।

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