पाकुड़। ईद-उल-अजहा की खुशियों के बीच पाकुड़ के प्रख्यात समाजसेवी लुत्फल हक ने मानवता और सेवा की एक और मिसाल पेश की। उन्होंने रेलवे स्टेशन परिसर में सैकड़ों गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों के बीच विशेष भोज का आयोजन कर उन्हें ईद की खुशियों में शामिल किया। खास बात यह रही कि लुत्फल हक स्वयं मौके पर पहुंचे और अपने हाथों से लोगों को भोजन परोसकर उनका हालचाल जाना। शुक्रवार देर शाम आयोजित इस विशेष भोज में ईद के अवसर पर स्वादिष्ट और विशेष व्यंजन परोसे गए, जिसका लोगों ने भरपूर आनंद उठाया। भोजन प्राप्त कर जरूरतमंदों के चेहरों पर खुशी और संतोष साफ झलक रहा था। गौरतलब है कि लुत्फल हक पिछले तीन वर्षों से भी अधिक समय से पाकुड़ रेलवे स्टेशन परिसर में प्रतिदिन रात्रि के समय लगभग 300 जरूरतमंद लोगों को नियमित रूप से भोजन उपलब्ध करा रहे हैं। उनका यह सेवा कार्य लगातार जारी है और अनेक लोगों के लिए सहारा बना हुआ है। इस अवसर पर लुत्फल हक ने कहा कि पर्व-त्योहार तभी सार्थक होते हैं जब समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की खुशियों का भी ख्याल रखा जाए। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों के बीच समय बिताकर और उन्हें भोजन कराकर उन्हें आत्मिक शांति और सुकून मिलता है। वहीं, रेलवे पैसेंजर संगठन से जुड़े युवा सामाजिक कार्यकर्ता राणा ओझा ने लुत्फल हक की सराहना करते हुए कहा कि वे वास्तव में गरीबों के मसीहा हैं। उनकी बदौलत प्रतिदिन सैकड़ों लोगों को भोजन मिलता है, जो शायद अन्यथा भूखे पेट सोने को मजबूर होते। उन्होंने कहा कि व्यस्त जीवन के बावजूद लुत्फल हक का गरीबों के प्रति समर्पण समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। ईद के पावन अवसर पर सेवा, करुणा और भाईचारे का यह अनूठा उदाहरण लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा और मानवता के प्रति समर्पण का संदेश देता रहा।







