बिना तलाशी किसी को प्रवेश नहीं, कैदी एस्कॉर्ट और संतरी ड्यूटी में बरतें विशेष सतर्कता।
पाकुड़। पुलिस अधीक्षक पाकुड़ के निर्देश पर सोमवार को जिला व्यवहार न्यायालय परिसर एवं न्यायिक पदाधिकारियों के आवासीय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच की गई। कोर्ट सुरक्षा नोडल पदाधिकारी-सह-पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) ने परिचारी प्रवर, पुलिस केंद्र तथा कोर्ट सुरक्षा प्रभारी के साथ सुरक्षा इंतजामों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान न्यायालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों, डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD), हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD), कोर्ट हाजत, कैदी एस्कॉर्ट व्यवस्था तथा सुरक्षा में तैनात जवानों द्वारा की जा रही तलाशी प्रक्रिया की समीक्षा की गई। सुरक्षा जांच के दौरान न्यायालय में प्रतिनियुक्त अधिकारियों और जवानों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि बिना सघन तलाशी के किसी भी व्यक्ति को न्यायालय परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाए। साथ ही आग्नेयास्त्र, ज्वलनशील पदार्थ, नुकीली वस्तु एवं अन्य प्रतिबंधित सामान के साथ किसी भी व्यक्ति के प्रवेश पर पूर्ण रोक सुनिश्चित करने को कहा गया। कैदी एस्कॉर्ट ड्यूटी में लगे पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों को कैदियों को न्यायालय लाने और वापस ले जाने के दौरान विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया। वहीं न्यायालय परिसर एवं ज्यूडिशियल कॉलोनी में तैनात सुरक्षा बलों को किसी भी परिस्थिति में संतरी पोस्ट नहीं छोड़ने तथा पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी सुरक्षा मानकों और दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करने को कहा गया।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि न्यायालय और न्यायिक पदाधिकारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।








