कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश की पहल रंग लाई, मुस्कुराते हुए न्यायालय से विदा हुआ दंपति
पाकुड़: व्यवहार न्यायालय स्थित प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय में चल रहे मूल भरण-पोषण वाद संख्या 112/2026 में मध्यस्थता के माध्यम से पति-पत्नी के बीच चल रहा विवाद समाप्त हो गया। प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक के प्रयास से दोनों पक्षों के बीच आपसी मतभेद दूर हुए और दंपति ने एक बार फिर साथ रहने का निर्णय लिया।
मामले में दोनों पक्षों की काउंसलिंग कर आपसी समझ और सुलह-समझौते के आधार पर विवाद का समाधान कराया गया। इसके बाद पति-पत्नी ने एक-दूसरे का हाथ थामकर साथ जीवन बिताने की सहमति जताई।
प्रधान न्यायाधीश रजनीकांत पाठक ने दंपति को आपसी प्रेम, विश्वास और सामंजस्य के साथ जीवन आगे बढ़ाने की सलाह दी। इसके बाद दोनों को खुशी-खुशी न्यायालय से विदा किया गया। इस अवसर पर दोनों पक्षों के अधिवक्ता मो. सलीम और मोहन राय, न्यायालय कर्मी, दोनों पक्षों के परिजन एवं पीएलवी नीरज कुमार राउत मौजूद रहे।
Related Posts

मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर प्रशिक्षण शिविर, बीएलओ सहित कर्मियों को दी गई प्रपत्र भरने की तकनीकी जानकारी

सरकारी खजाने पर बिचौलियों का जादू: बिना वेंडर के ही पाकुड़ में डकार गए करोड़ों! डीपीएम साहब की ‘कृपा’ पर उठे सवाल!



