इकबाल हुसैन
महेशपुर। खरीफ फसल की बुवाई को देखते हुए कृषि निदेशालय, झारखंड ने वर्ष 2026 के लिए राज्य में बिक्री होने वाले अनुदानित उर्वरकों का नया अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) निर्धारित किया है। महेशपुर बीडीओ डॉ. सिद्धार्थ शंकर यादव ने प्रखंड के सभी उर्वरक विक्रेताओं और किसानों को निर्धारित दरों की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि तय MRP से अधिक कीमत पर उर्वरक बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बीडीओ ने बताया कि नई दर के अनुसार 50 किलोग्राम की DAP बोरी का MRP 1350 रुपये और 45 किलोग्राम की यूरिया बोरी का MRP 266.50 रुपये निर्धारित है। वहीं 20:20:0:13 का MRP 1750 से 2250 रुपये, 10:26:26 का 1950 से 2400 रुपये, MOP का 1850 से 1975 रुपये और SSP का 640 से 650 रुपये प्रति बोरी निर्धारित किया गया है। यूरिया की पैकिंग 45 किलोग्राम तथा अन्य सभी उर्वरकों की पैकिंग 50 किलोग्राम होगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को सस्ती दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए अनुदान दे रही है। ऐसे में यदि कोई दुकानदार निर्धारित MRP से अधिक कीमत वसूलता है या अनुदानित उर्वरक के साथ गैर-अनुदानित उर्वरक, बीज अथवा कीटनाशक खरीदने के लिए किसानों पर दबाव बनाता है, तो उसके खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत कार्रवाई की जाएगी। दोषी दुकानदार का लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई हो सकती है।
बीडीओ ने प्रखंड कृषि पदाधिकारी को बाजारों में लगातार जांच और छापेमारी करने तथा सभी उर्वरक दुकानों पर निर्धारित MRP सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने किसानों से अपील की कि उर्वरक खरीदते समय दुकानदार से अनिवार्य रूप से रसीद लें। निर्धारित MRP से अधिक राशि वसूलने या किसी अन्य सामग्री की जबरन बिक्री किए जाने पर किसान तत्काल प्रखंड कृषि पदाधिकारी या बीडीओ कार्यालय में लिखित शिकायत करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।चाहें तो मैं इसी खबर का हिंदुस्तान शैली में और अधिक कड़कदार शीर्षक के साथ एक दूसरा संस्करण भी तैयार कर सकता हूं।






