पाकुड़। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भाजपा ने चुनाव आयोग और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्र ने मंगलवार को पाकुड़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक ही जमाबंदी के आधार पर बड़ी संख्या में लोगों के स्थानीय निवासी होने के दावों की गहन जांच कराने की मांग की। गणेश मिश्र ने कहा कि सीमावर्ती जिला होने के कारण पाकुड़ में एसआईआर के दौरान प्रत्येक दावे और दस्तावेज का गंभीरता से सत्यापन जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि कुछ क्षेत्रों में एक ही जमाबंदी के आधार पर 800, 1000 और कहीं 1200 तक लोगों द्वारा स्थानीय निवासी होने का दावा किए जाने की जानकारी सामने आ रही है। ऐसे मामलों में दस्तावेजों के साथ वास्तविक निवास की भी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने प्रखंड कार्यालयों में जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र बनाए जाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि एसआईआर के दौरान जारी प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए तो नहीं हो रहा, इसकी जांच होनी चाहिए।
भाजपा नेता ने संताल परगना में लागू एसपीटी एक्ट का हवाला देते हुए जमीन और जमाबंदी से जुड़े मामलों में कथित अनियमितताओं की भी निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही सीमावर्ती इलाकों में कथित रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि किसी भी विदेशी नागरिक का नाम भारतीय मतदाता सूची में नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन करना है। इसमें मृत और स्थान बदल चुके मतदाताओं के नाम हटाने के साथ पात्र नागरिकों के नाम जोड़ना जरूरी है, लेकिन अपात्र लोगों के नाम शामिल न हों, यह सुनिश्चित करना भी चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश प्रवक्ता दिनेश मरांडी, जिलाध्यक्ष सरिता मुर्मू, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मीरा परवीन सिंह व दुर्गा मरांडी, जिला महामंत्री रूपेश भगत समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।





