पाकुड़ पॉलिटेक्निक में एचआईवी/एड्स और सिफलिस को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला प्रशासन के सघन आईईसी अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संक्रमण के कारण, बचाव, जांच, उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विद्यार्थियों को एचआईवी और एड्स के बीच अंतर समझाया। संक्रमण के प्रमुख माध्यमों की जानकारी देते हुए सामान्य सामाजिक संपर्क से एचआईवी नहीं फैलने की बात कही गई। विद्यार्थियों को सुरक्षित व्यवहार अपनाने और किसी भी आशंका की स्थिति में समय पर जांच कराने के लिए प्रेरित किया गया।
आईसीटीसी की सेवाओं की दी जानकारी
कार्यक्रम में आईसीटीसी यानी समेकित परामर्श एवं जांच केंद्र की भूमिका पर विशेष जानकारी दी गई। बताया गया कि केंद्र पर एचआईवी जांच के साथ परामर्श, गोपनीयता और चिकित्सकीय मार्गदर्शन की सुविधा मिलती है। सिफलिस के संक्रमण, संभावित लक्षण और समय पर जांच व उपचार के महत्व को भी समझाया गया।
सवालों के दिए सरल जवाब
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित हुआ। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने एचआईवी व सिफलिस से जुड़े सवाल पूछे, जिनका स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सरल भाषा में जवाब दिया। वक्ताओं ने एचआईवी के साथ जीवन जी रहे लोगों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार करने और सामाजिक भेदभाव से बचने का संदेश दिया।
आईसीटीसी एलटी शिव नारायण प्रसाद ने एचआईवी जांच, बचाव एवं आईसीटीसी सेवाओं की जानकारी दी। डाटा मैनेजर आदिल अहमद मंसूरी ने केंद्र की सेवाओं और आंकड़ों से संबंधित जानकारी साझा की। एसएसओआरडब्ल्यू रोशन सेन ने एचआईवी-सिफलिस से बचाव और सामुदायिक जागरूकता पर चर्चा की। कार्यक्रम में मोसारफ हुसैन, आशीष कुमार, रिजवाना रहमान, विवेक कुमार महतो, देबालिका पाल, लकी कुमार, अभिषेक कुमार, पुरण कुमार दत्ता, विकेश कुमार सिंह, दिनकर कुमार, कृति कुमारी एवं ओंकारेश्वर कुमार सहित अन्य की सहभागिता रही। कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट रहा कि सही जानकारी, समय पर जांच और उचित उपचार से एचआईवी एवं सिफलिस से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों को कम किया जा सकता है।






