मन की बात’ का 139वां एपिसोड भाजपा कार्यकर्ताओं ने सुना, कार्यक्रम के 12 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री ने साझा किए अनुभव।
पाकुड़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 139वें एपिसोड को रविवार को पाकुड़ में भाजपा कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने सुना। पाकुड़ नगर मंडल के मतदान केंद्र संख्या 427 पर बूथ अध्यक्ष लव रजक के नेतृत्व में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान भाजपा जिला उपाध्यक्ष हिसाबी राय समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। वहीं, मंडल अध्यक्ष सोहन मंडल सहित सुशील साहा, मनोरमा देवी, वरुण राय, किरण राय, खिचर राय और रूपांकर राय ने भी अपने-अपने बूथों पर कार्यक्रम सुना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने त्योहारों के अवसर पर लोगों से स्थानीय कारीगरों और छोटे उत्पादकों के बनाए सामान खरीदने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत के स्थानीय उत्पादों की मांग अब दुनिया के कई देशों में बढ़ रही है। त्योहारों पर खरीदारी करते समय स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने से कारीगरों का उत्साह बढ़ेगा और उनकी आजीविका को मजबूती मिलेगी।
12 साल का सफर देशवासियों से जुड़ने का माध्यम।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 12 वर्ष पहले विजयादशमी के पावन अवसर पर ‘मन की बात’ की शुरुआत हुई थी। यह यात्रा उनके लिए देशवासियों को करीब से जानने और समझने का माध्यम रही है। उन्होंने स्थानीय उत्पादों की बढ़ती मांग का उदाहरण देते हुए बताया कि बिहार के पूर्णिया का मखाना और कर्नाटक के कलबुर्गी की अरहर दाल जैसे उत्पाद विदेशी बाजारों तक पहुंच रहे हैं। इससे किसानों के लिए नए अवसर खुल रहे हैं।
स्वतंत्रता सेनानी भाई परमानंद को किया याद।
प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानी भाई परमानंद की 150वीं जयंती का उल्लेख करते हुए उनके योगदान को याद किया। उन्होंने बताया कि भाई परमानंद आर्य समाज और गदर पार्टी से जुड़े रहे तथा देश की आजादी के लिए संघर्ष करते हुए काला पानी की सजा भी काटी। उनके जीवन और बलिदान से नई पीढ़ी को प्रेरणा लेने की जरूरत है।
अंगदान और खादी को लेकर भी दिया संदेश।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने अंगदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम की शिवानी का उदाहरण दिया। सड़क दुर्घटना में उनकी मृत्यु के बाद परिवार ने अंगदान का निर्णय लिया, जिससे दूसरों को नया जीवन मिलने की उम्मीद बनी। उन्होंने इसे समाज के लिए प्रेरणादायक पहल बताया।
प्रधानमंत्री ने गांधी जयंती के अवसर पर खादी ग्रामोद्योग के उत्पादों की एक दिन में 28 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री का भी उल्लेख किया। उन्होंने पारंपरिक खेती और जैविक कृषि को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया। पंजाब के मालवा क्षेत्र में प्राकृतिक तरीके से कपास की खेती को प्रोत्साहित करने की पहल का जिक्र करते हुए उन्होंने खेती की पारंपरिक पद्धतियों को संरक्षित करने का संदेश दिया। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने देशभर में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ने की बात कही। कार्यक्रम में स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने, किसानों की आय के नए अवसर विकसित करने, अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और पारंपरिक कृषि को सशक्त बनाने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।







