किसानों को कृषि एवं संबद्ध विभाग की तकनीकी की जानकारी उपलब्ध कराया गया
बजरंग पंडित
शनिवार को सदर प्रखंड सभागार में प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रमुख चंदना माल पहाड़िया, उप प्रमुख मो० हैदर अली, प्रभारी प्रखंड कृषि पदाधिकारी संतोष कुमार, प्रखंड प्रसार सहकारिता पदाधिकारी मोहन कुमार के द्वारा संयुक्त रूप से कृषक गोष्ठी का शुभारंभ किया गया। प्रखंड तकनीकी प्रबंधक मोहम्मद शमीम अंसारी ने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए रबी मौसम मे फसल एवं योजनाओं का लक्ष्य किसानों को बताया गया। पीडीएमसी सुक्ष्म सिंचाई योजना अंतर्गत टपक सिंचाई एवं फवारा सिंचाई के लिए 60 हे0 लक्ष्य के अनुरूप किसानों से आवेदन भरने के लिए कहा गया। स्वाइल हेल्थ कार्ड योजना के अंतर्गत 1322 मिट्टी का नमूना लिया जाना है। किसान मित्र के द्वारा मोबाइल ऐप से मिट्टी का नमूना लिया जाना है इसके बारे में विशेष जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि किसान मित्र अपने-अपने ग्राम पंचायत में इस कर्मशाला की बातों का एवं सरकार की योजनाओं का किसानों से विस्तृत रूप से चर्चा करेंगे जिससे अधिक से अधिक किसान सरकार की योजना का लाभ ले सकें। उन्होंने कहा की किसानों में जागरूकता की कमी है, जिससे सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते। इसके लिए हम सबको मिलकर काम करना होगा। प्रखंड प्रसार सहकारिता पदाधिकारी मोहन कुमार पाकुड़ के द्वारा बताया गया कि लैंम्पस के माध्यम से धान अधिप्राप्ति योजना के तहत किसान धान बेच सकेंगे। किसान 2300 रू प्रति क्विंटल की दर से संबंधित लैम्पस में धान को देंगे। इसमे 2183 रू केंद्र सरकार द्वारा एमएसपी एवं 113 रू बोनस के रूप में झारखंड सरकार द्वारा दिया गया है। पहले से इस योजना में पंजीकृत किसानों के मोबाइल मे मैसेज आएगा की किस संबंधित लैम्पस में किस दिनांक को कितनी मात्रा में धान बेचना है। इसके बाद ही लैम्पस में धान ले जाना है। जिन किसानों का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है वह अपना रजिस्ट्रेशन का फॉर्म भर करके आपूर्ति विभाग में जमा करेंगे।
संतोष कुमार, प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने किसानों को पानी और बिजली बचाने का सुझाव दिया। पानी बचा कर ही किसान कम पानी में खेती कर सकते है, इसके लिए सरकार की पीडीएमसी योजना का लाभ ले, जिसमें टपक या फ़व्वारा विधि इकाई का अधिष्ठान करवा सकते है, इसके बारे मे विस्तार से बताया गया। इसमें किसानों को 90% सब्सिडी दिया जा रहा है।
तकनीकी सत्र में मु० शमीम अंसारी पाकुड़ के द्वारा कृषि विभाग की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कृषि विभाग के द्वारा संचालित योजना जैसे केसीसी, ऋण माफी योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना अंतर्गत प्रति बुंद, अधिक उपज में टपक सिंचाई एवं फव्वारा सिंचाई, कुसुम योजना आदि का विस्तार से जानकारी दी गई। उपस्थित किसानों को टपक सिंचाई के बारे में विस्तार से बताया गया एवं उनका फॉर्म ऑफलाइन कैसे भरना है, बताया गया। टपक सिंचाई और फव्वारा सिंचाई में छोटे एवं सीमित किसानों को 90% अनुदान पर उक्त सिंचाई इकाई मिलेगा। किसानों को जैविक खेती करने पर जोड़ दिया गया ताकि रासायनिक खेती से उत्पन्न स्थितियों को कम किया जा सकें। रासायनिक खेती से मिट्टी की उर्वरक शक्ति कम होती जा रही है एवं इसके प्रभाव से मनुष्यों, पशुओं आदि जीवित प्राणियों में विभिन्न तरह के रोग जैसे कैंसर, उच्च रक्तचाप, दिल की बीमारी आदि फैल रहा है। इनसे बचाव का एक ही उपाय है कि किसान जैविक खेती कर मिट्टी,मनुष्य, पशुओं आदि का जीवन बचा सके और स्वास्थ्य बेहतर कर सके एवं गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पाद का प्रयोग कर सकें। इस गोष्ठी में प्रखंड के एटीएम सुदीप कुमार सेन, खालिदा खातून, बीटीएम,एटीएम,भीएलडब्लू, कृषक मित्र, प्रगतिशील कृषक समेत अन्य कृषक उपस्थित थे।





