राजकुमार भगत
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पाकुड़। भगवान श्री हरि के आठवें अवतार श्री कृष्ण के 5252वें जन्मोत्सव को लेकर तिथि को लेकर भ्रम बना है। पंचांग के अनुसार अष्टमी तिथि 15 अगस्त रात 11:49 से 16 अगस्त रात 9:24 तक रहेगी, लेकिन इस दौरान रोहिणी नक्षत्र नहीं रहेगा। रोहिणी 17 अगस्त सुबह 4:38 बजे से लगेगा।
शास्त्रों में उदया तिथि को मानते हुए ज्यादातर पंडित 16 अगस्त को निशीथ काल (रात 12:04 से 12:47) में पूजन की सलाह दे रहे हैं। भक्त चाहें तो 15 अगस्त से व्रत शुरू कर 16 अगस्त रात पूजा कर सकते हैं। व्रत पारण 17 अगस्त सूर्योदय के बाद होगा।





