पाकुड़। स्थानीय डीएवी पब्लिक स्कूल में प्रातःकालीन सभा के दौरान झारखंड आंदोलन के महानायक एवं पद्म भूषण से सम्मानित दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्राचार्य डॉ. विश्वदीप चक्रवर्ती, वरीय शिक्षक संजय कुमार यादव, दीपक कुमार गर्ग सहित अन्य शिक्षकों द्वारा गुरुजी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने उनके संघर्ष और योगदान को दर्शाते हुए आकर्षक पोस्टर, होर्डिंग और कलात्मक प्रदर्शनी प्रस्तुत की। प्रदर्शनी में दिशोम गुरु के जीवन संघर्ष, जन आंदोलनों और झारखंड राज्य के निर्माण के लिए किए गए उनके ऐतिहासिक प्रयासों को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया गया। प्रत्येक चित्र उनके संघर्षपूर्ण जीवन की कहानी बयां कर रहा था और नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का संदेश दे रहा था। प्राचार्य डॉ. विश्वदीप चक्रवर्ती ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को दिशोम गुरु के बचपन, महाजनी प्रथा के खिलाफ उनके संघर्ष, जल-जंगल-जमीन की लड़ाई, झारखंड आंदोलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका तथा जननेता से लेकर राष्ट्रीय राजनीति तक के उनके सफर से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु का संघर्ष, सादगी, जनसेवा और समाज के प्रति समर्पण आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके विचार और आदर्श नई पीढ़ी को समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा देते रहेंगे।






