पाकुड़। शहर के रविंद्र भवन में सोमवार को पेसा नियमावली 2025 को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें जिलेभर से पहुंचे ग्राम प्रधान, मांझी एवं पारंपरिक व्यवस्था से जुड़े प्रतिनिधियों को पेसा कानून के प्रावधानों और ग्रामसभा के अधिकारों की विस्तार से जानकारी दी गई।
रांची से पहुंचे राज्य स्तरीय प्रशिक्षकों ने पेसा एक्ट में निहित कानून, नियम और ग्रामसभा के अधिकारों को समझाते हुए ग्राम प्रधानों की भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रशिक्षक शंकर सेन मोहली ने भारतीय संविधान और एसपीटी एक्ट से जुड़े प्रावधानों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पेसा कानून की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि ग्रामसभा के माध्यम से लोग अपने हक और अधिकार का प्रभावी तरीके से उपयोग कर सकें। कार्यशाला का आयोजन मांझी परगना लहंती वैसी, पाकुड़ के जिला अध्यक्ष सनत सोरेन के नेतृत्व में किया गया। आयोजन से पहले झारखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन पर शोकसभा आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। कार्यशाला में पेसा कानून को लेकर ग्रामीण स्तर पर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।





