सांसद-विधायक ने किया पौधारोपण, 1 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य।
इकबाल हुसैन
पाकुड़ (महेशपुर), 23 जून। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के तत्वावधान में महेशपुर प्रखंड के जब्दी खरियोपाड़ा गांव में सोमवार को 76वां वन महोत्सव पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर हरियाली को लेकर जहां नेताओं से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक ने एकजुटता दिखाई, वहीं पर्यावरण संरक्षण को लेकर जनभागीदारी का भी संदेश दिया गया। कार्यक्रम में राजमहल के सांसद विजय कुमार हांसदा, महेशपुर के विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी, पाकुड़ उपायुक्त मनीष कुमार, जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO) सौरभ चंद्रा, उपविकास आयुक्त (DDC) महेश कुमार संथालिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर पौधारोपण किया और जिलेवासियों से पर्यावरण की रक्षा हेतु कम से कम दो पौधे लगाने की अपील की।
पर्यावरण संरक्षण से ही जीवन की रक्षा : सांसद
सांसद विजय कुमार हांसदा ने कहा कि वन महोत्सव केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि यह हमारी जीवनशैली का हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि जितनी तेजी से पेड़ काटे जा रहे हैं, उतनी ही तेजी से पौधे भी लगाने होंगे। उन्होंने कहा कि लोगों को यह समझना होगा कि जिस तरह दीपावली, होली मनाई जाती है, उसी तरह वन महोत्सव भी एक महत्वपूर्ण त्योहार है।
पेड़ घर के सदस्य जैसे : विधायक स्टीफन मरांडी
विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी ने पेड़ों को परिवार का हिस्सा बताते हुए कहा कि हर पेड़ हमारे जीवन के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा, “पेड़ केवल ऑक्सीजन नहीं देते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी आशा का प्रतीक हैं। जंगल बचेंगे तो जीवन बचेगा।”
तीन महीने में लगेंगे एक लाख पौधे : उपायुक्त
उपायुक्त मनीष कुमार ने जानकारी दी कि प्रोजेक्ट प्रकृति के तहत जिले में अब तक 37 हजार पौधे लगाए जा चुके हैं और अगले तीन महीनों में 1 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। साथ ही उपस्थित लोगों को नशा मुक्त जिला बनाने की शपथ भी दिलाई।
पौधा लगाएं, साथ ही पालन भी करें : डीएफओ
DFO सौरभ चंद्रा ने कहा कि केवल पौधा लगाना ही काफी नहीं, उसकी देखभाल करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष जिले में 1 लाख 12 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है।
जनकल्याणकारी योजनाओं का वितरण भी बना आकर्षण
कार्यक्रम के दौरान वन महोत्सव के साथ-साथ सरकार की कई जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी लाभुकों को दिया गया।
इनमें शामिल रहे —
अबुआ आवास योजना के तहत गृह प्रवेश
सवजन पेंशन योजना
मुख्यमंत्री पशुधन योजना
छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षा विभाग से बैग व कॉपी
वन विभाग द्वारा रेस्क्यू किट
मत्स्य विभाग द्वारा मछली पकड़ने के नेट
सखी मंडल की दीदियों को 10 लाख का बैंक लिंकेज
दीदी बाड़ी योजना के तहत स्वीकृति पत्र
पूरा इलाका बना पर्यावरण उत्सव का गवाह, कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान, जनप्रतिनिधि, पंचायत समिति सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता, अधिकारीगण एवं ग्रामीण शामिल हुए। मौके पर उपस्थित जनसमूह ने पर्यावरण संरक्षण और पौधारोपण का संकल्प लिया।










