अक्षय कुमार
रामगढ़। मंगलवार को राधा गोविन्द विश्वविद्यालय के नर्सिंग विभाग द्वारा विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर के नजदीक बुढाखुखरा गांव में जाकर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गांवों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं संतुलित जीवनशैली के प्रति जागरूक करना था। नर्सिंग के छात्र-छात्राओं ने गांवों में जाकर स्थानीय भाषा और सरल शैली में नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया, जिससे ग्रामीणों ने इसे सहजता से समझा और सराहा।

नुक्कड़ नाटक की प्रमुख विशेषताएं
1.नाटक के माध्यम से स्वच्छता, पोषण, टीकाकरण एवं रोगों की रोकथाम जैसे विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
2.विद्यार्थियों ने दिखाया कि कैसे छोटी-छोटी लापरवाहियां बड़ी बीमारियों का कारण बन सकती हैं।
3.नाटक में स्वस्थ आदतों जैसे हाथ धोना, साफ पानी पीना, और नियमित स्वास्थ्य जांच का संदेश दिया गया।
मौके पर रही ग्रामीणों की भागीदारी
1.कार्यक्रम में गांव के बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
2.नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दी गई जानकारी को ग्रामीणों ने ध्यानपूर्वक सुना और कई लोगों ने स्वास्थ्य से जुड़े प्रश्न भी पूछे, जिनका उत्तर नर्सिंग विद्यार्थियों द्वारा दिया गया।
गांवों से लौटने के बाद विश्वविद्यालय प्रांगण में पोस्टर एवं भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बी एन साह ने विश्व स्वास्थ्य दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और अपने संदेश में कहा कि आज के दौर में स्वस्थ के प्रति जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के नाटक से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

सचिव प्रियंका कुमारी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है और सभी को स्वास्थ्य जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। यह आयोजन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो (डॉ) रश्मि, कुलसचिव प्रो (डॉ)निर्मल कुमार मंडल, वित्त एवं लेखा पदाधिकारी डॉ संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो (डॉ) अशोक कुमार, प्रबंध समिति सदस्य अजय कुमार सहित प्रबंधन सदस्यों के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। मौके पर नर्सिंग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रियंका भारती, कृतिका राज, रोसलिन,अंजली, प्रिया, सपना अपराजिता, गौरी अन्य शिक्षकगण, छात्र/छात्राएं एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।





