शिक्षा की नई उड़ान, ‘प्रोजेक्ट परख 2.0’ से टॉप से टॉपर बनने का मंत्र”
वार्षिक माध्यमिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित।
वार्षिक माध्यमिक परीक्षा एवं इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से “प्रोजेक्ट परख 2.0: टॉप से टॉपर तक का सफर” के अंतर्गत प्रधानाध्यापकों, अभिभावकों, बीआरपी, सीआरपी एवं विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन रविन्द्र भवन टाउन हॉल में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त मनीष कुमार एवं अपर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी श्री पीयूष कुमार द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
ईमानदार मेहनत का फल अवश्य मिलता है:उपायुक्त
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि उनका दृढ़ विश्वास है कि ईमानदार मेहनत और सच्चे प्रयास का फल सदैव अच्छा होता है। जब कोई व्यक्ति पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ प्रयास करता है, तो ऊपरवाला स्वयं उसके परिश्रम को स्वीकार करता है।उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के शैक्षणिक परिणामों में गुणात्मक सुधार लाना है। उपायुक्त ने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने, नियमित अभ्यास करने और लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने का संदेश दिया।
ग्रीन ब्लेज़र से टॉपरों का होगा सम्मान
उपायुक्त ने बताया कि जो विद्यार्थी आज ग्रीन ब्लेज़र पहनकर मंच के समीप उपस्थित हैं, उन्हें सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि 16 जनवरी से जो भी विद्यार्थी उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे, उन्हें 26 जनवरी को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक विद्यालय से पाँच टॉपर विद्यार्थियों को सम्मान प्रदान किया जाएगा। साथ ही उन विद्यार्थियों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा जिन्होंने अपने परीक्षा परिणाम में सर्वाधिक सुधार किया है—विशेषकर वे छात्र जो पहले लगभग 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करते थे और जिन्होंने निरंतर मेहनत से 60 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल किए हैं।
प्री-बोर्ड परीक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण
उपायुक्त ने कहा कि “प्री-बोर्ड परीक्षा विद्यार्थियों के जीवन में बोर्ड परीक्षा से भी अधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि बोर्ड परीक्षा में बैठने की पात्रता का निर्धारण प्री-बोर्ड परीक्षा के आधार पर ही किया जाएगा।उन्होंने शिक्षकों से इस तथ्य को गंभीरता से लेने का आग्रह किया। साथ ही विद्यार्थियों से आह्वान किया कि पढ़ाई किसी भी परिस्थिति में निरंतर करनी होगी।उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिया कि विषयवार शैक्षणिक वीडियो, अतिरिक्त कक्षाओं एवं अन्य शैक्षणिक संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन एवं शिक्षकगण विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं।








