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October 16, 2026 12:09 am

21 अक्टूबर तक मांगें नहीं मानीं तो 22 से ठप होंगी ओपीडी सेवाएं।

चिकित्सकों ने काला बिल्ला लगाकर जताया विरोध, आठ सूत्री मांगों पर सरकार को अल्टीमेटम

अमर भगत

अमड़ापाड़ा/पाकुड़। झारखंड में चिकित्सकों का आंदोलन तेज होने के संकेत हैं। आठ सूत्री मांगों को लेकर गुरुवार को सदर अस्पताल समेत जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों ने काला बिल्ला लगाकर काम किया। चिकित्सकों ने साफ चेतावनी दी है कि 21 अक्टूबर तक ठोस पहल नहीं हुई तो 22 अक्टूबर से आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर ओपीडी सहित अन्य चिकित्सा सेवाओं का बहिष्कार किया जाएगा।
अमड़ापाड़ा प्रखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर में भी चिकित्सकों ने काला बिल्ला लगाकर विरोध जताया। हालांकि, मरीजों के हित को देखते हुए फिलहाल नियमित स्वास्थ्य सेवाएं जारी रखीं। चिकित्सकों की प्रमुख मांगों में सरकारी डॉक्टरों को डीएसीपी का लाभ, झारखंड मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट का प्रभावी क्रियान्वयन, अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था, रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति और समयबद्ध करियर प्रगति शामिल हैं। इसके अलावा लंबित भुगतानों तथा क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के प्रावधानों में उचित राहत की मांग भी उठाई गई है। चिकित्सकों का कहना है कि सुरक्षित कार्यस्थल और बेहतर सेवा शर्तें जरूरी हैं। निर्धारित समय सीमा तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा। विरोध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. खालिद अहमद, डॉ. शिवम कुमार, ब्रजेश कुमार और मनीषा मंडल सहित अन्य चिकित्सक शामिल रहे।

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