बच्चों से संवाद, महिलाओं को संबल और स्वास्थ्य सेवाओं की जांच—पाकुड़ में राज्य टीम का ग्राउंड रिव्यू
निरीक्षण में दिखी बदलाव की तस्वीर, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला स्वावलंबन पर फोकस
पाकुड़। मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार के तहत चयनित ग्राम पंचायतों के निरीक्षण क्रम में सोमवार को अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन के नेतृत्व में राज्य स्तरीय टीम ने सदर प्रखंड के शहरकोल और सोनाजोड़ी क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान टीम ने आंगनबाड़ी केंद्र, प्राथमिक विद्यालय, सखी मार्ट और आयुष्मान आरोग्य मंदिर का निरीक्षण कर जमीनी हकीकत का आकलन किया। सबसे पहले टीम ने शहरकोल पंचायत के आंगनबाड़ी सह नर्सरी स्कूल केंद्र का निरीक्षण किया। यहां बच्चों से आत्मीय संवाद किया गया, कविताएं सुनाई गईं और नियमित उपस्थिति के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के समग्र विकास की मजबूत नींव है, इसलिए इसकी गतिविधियां गुणवत्तापूर्ण और नियमित होनी चाहिए। इसके बाद प्राथमिक विद्यालय शहरकोल में तिथि भोज सह जन्मोत्सव कार्यक्रम में टीम शामिल हुई। बच्चों के साथ केक काटकर खुशी साझा की गई। निरीक्षण के दौरान बच्चों से पढ़ाई से जुड़े सवाल पूछे गए, जिनका उन्होंने आत्मविश्वास से जवाब दिया। टीम ने बच्चों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों का मनोबल बढ़ाते हैं और विद्यालय से जुड़ाव मजबूत करते हैं। दौरे के क्रम में लाभुक कौशल्या देवी द्वारा संचालित सखी मार्ट का भी उद्घाटन किया गया। अधिकारियों ने इसे महिला स्वावलंबन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। सखी मार्ट के माध्यम से स्थानीय स्तर पर जरूरत की सामग्री उपलब्ध हो रही है, साथ ही लाभुक को स्वरोजगार का अवसर मिला है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है। वहीं सोनाजोड़ी स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर का निरीक्षण करते हुए टीम ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया। ओपीडी, प्रसव पूर्व जांच, टीकाकरण, दवा उपलब्धता और स्वच्छता की स्थिति की समीक्षा की गई। अपर समाहर्ता ने स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश दिया कि मरीजों को समय पर बेहतर और सुलभ सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने साफ कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं का प्रभाव तभी दिखेगा, जब जमीनी स्तर पर उनकी गुणवत्ता और निरंतरता सुनिश्चित हो। टीम के दौरे से पंचायतों में विकास कार्यों की वास्तविक तस्वीर सामने आई, जिसमें कई सकारात्मक पहलुओं के साथ सुधार की जरूरत वाले बिंदु भी चिन्हित किए गए।









