प्रशांत मंडल
लिट्टीपाड़ा (पाकुड़)प्रखंड क्षेत्रों मे महुआ फूल चुनने का समय आते ही जंगलों में आगजनी की घटना बढ़ जाती है। महुआ चुनने के लिए महुआ पेड़ों के इर्द गिर्द लगाई गई आग थोड़ी से लापरवाही से पुरे जंगल में फैल जाती है। इसके बाद आग की लपेटें भयावाह रुप ले लेती है इससे ने सिर्फ छोटे छोटे कोमल पौधे नष्ट होते हैं, बल्कि वन्य जीव जंतुओं के अस्तित्व पर भी खतरा मंडराता है।शुक्रवार को लिट्टीपाड़ा पश्चमी अलग अलग क्षेत्रों के जंगलों में भी आग लगा दी गई। आग जनी की घटना से जंगल में तैयार हो रहे छोटे छोटे पौधे जल कर नष्ट हो गए।वहीं पेड़ों में उगे कोमल कोमल पत्ते भी आग से झुलस गए।प्राकृतिक प्रेमियों ने बताया कि हर साल हो रही आगजनी की घटना से जंगलों में पाए जाने वाले जनऔषधी पौधे भी नष्ट हो रहे हैं। वहीं वन्य जीव जंतुओं का बसेरा भी उजड़ने लगा है।प्राकृतिक प्रेमियों ने जंगलों में होने वाले आग जनी की घटना पर रोक लगाने की मांग की है। वहीं ग्रामीणों से भी इस संबंध में जागरुक होने की अपील की गई है।





