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May 11, 2026 1:52 pm

पारंपरिक रथ यात्रा को लेकर भक्तों में है हर्षोल्लास

नौ दिन तक भगवान अपनी मौसी के घर रहेंगे

कानून व्यवस्था को लेकर प्रशासन की भी तैयारी है खास

रथयात्रा के दौरान दोपहर 3 बजे से रात्रि 8 बजे तक शहर की विद्युत आपूर्ति रहेगी बाधित

सुदीप कुमार त्रिवेदी

हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पाकुड़ में मदन मोहन व राधा रानी की रथ यात्रा पूरी तरह से तैयार है जो कि संध्या 4 बजे के बाद निकलेगी । इस रथ यात्रा में मदनमोहन अपनी संगिनी राधा रानी के साथ अपनी मौसी के घर प्रस्थान करते हैं एवं कुल नौ दिन मौसी के घर रहने के बाद पुनः अपने मंदिर में वापस आ जाते हैं । पाकुड़ के रथयात्रा को लेकर नित्य काली मंदिर के पंडित व राज पुरोहित भरत भूषण मिश्र ने बताया कि मदन मोहन मंदिर की स्थापना बंग्ला संवत के अनुसार वर्ष 1199 में राजा पृथ्वीनंद शाही के द्वारा हुई एवं वर्ष 1737 से भव्य रथयात्रा की शुरूआत हुई । आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीया के दिन मदन मोहन मंदिर में विशेष पूजन अर्चना, व आरती होती है एवं उसके बाद अमृतयोग देखते हुए मदनमोहन व राधारानी की शोभायात्रा निकलती है । पंडित भरत भूषण मिश्र ने बताया कि रथयात्रा के दिन पूर्ण रूप से सुसज्जित रथ को क्रमशः राजपरिवार के लोग, राज पुरोहित एवं समाज के गणमान्य व साधारण लोग रथ को खींचते हैं । उसके बाद दिन भर राधारानी व मदनमोहन रथ पर ही विराजित रहते हैं । संध्या पाँच बजे रथ नगर भ्रमण हेतु नित्य काली मंदिर प्रांगण से निकलती है एवं राजापाड़ा, हाटपाड़ा होते हुए भगतपाड़ा के आदर्श बिल्टू मध्य विद्यालय तक जाती है एवं वहाँ से मदनमोहन व राधारानी अपनी खुदी मौसी, नित्य काली मंदिर के रंग महल में रहते हैं । भरत भूषण मिश्र ने आगे बताया कि नौ दिन रंग महल में विशेष पूजन अर्चना, मध्य व संध्या आरती होती है । नौंवे दिन आषाढ़ शुक्ल पक्ष एकादशी के दिन खुदी मौसी के यहां दिन में पूजा के बाद अभिजीत मुहूर्त व अमृत योग को देखते हुए राज पुरोहित, राजपरिवार के लोग व समांज के गणमान्य लोग उसी दिन संध्या पाँच बजे नगर भ्रमण हेतु रथयात्रा निकालते हैं एवं निर्धारित रास्तों को तय करते हुए मदनमोहन व राधारानी अपने मंदिर में पुनः विराजित हो जाते हैं । इस पौराणिक रथयात्रा में बिहार, झारखंड व पश्चिम बंगाल के भक्तों की अच्छी खासी उपस्थिति रहती है । नित्य काली मंदिर के पंडित व राज पुरोहित भरत भूषण मिश्र ने बताया कि मदन मोहन मंदिर की स्थापना करने वाले राजा पृथ्वीचंद शाही को चार वरदान प्राप्त हुए थे । रथयात्रा के दौरान शहर की विद्युत आपूर्ति 3 बजे दोपहर से रात्रि 8 बजे तक बाधित रहेगी ।

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