पाकुड़: विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण केंद्र, पाकुड़ द्वारा सोनाजोड़ी स्थित सदर अस्पताल के सभागार में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पाकुड़ उपायुक्त मनीष कुमार और सिविल सर्जन डॉ. मंटू टेकरीवाल उपस्थित हुए।कार्यक्रम की शुरुआत उपायुक्त, सिविल सर्जन, डॉ मनीष व उपस्थित सहियाओं ने दीप प्रज्वलित कर किया।इस वर्ष की थीम रही “Malaria Ends With Us: Reinvest, Reimagine, Reignite”, जिसका उद्देश्य मलेरिया उन्मूलन में जनभागीदारी को बढ़ावा देना है। उपायुक्त ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मलेरिया उन्मूलन की दिशा में चल रहे प्रयासों की सराहना की और जागरूकता को सबसे प्रभावी हथियार बताया।उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा,
“मलेरिया जैसी बीमारी केवल सरकारी प्रयासों से समाप्त नहीं की जा सकती, इसके लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। यदि हम सभी मिलकर स्वच्छता, जागरूकता और समय पर उपचार को अपनाएं, तो मलेरिया का जड़ से उन्मूलन संभव है। जिला प्रशासन हर स्तर पर इस दिशा में प्रयासरत है और आगे भी ऐसे कार्यक्रमों को पूरी मजबूती से समर्थन देगा।”वही सिविल सर्जन डॉ. मंटू टेकरीवाल ने कहा,”मलेरिया एक पूरी तरह से रोकथाम योग्य बीमारी है, और इसके खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है जागरूकता। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार घर-घर जाकर स्क्रीनिंग, दवा वितरण और जनजागरूकता अभियान चला रही है। हम सभी नागरिकों से अपील करते हैं कि वे मच्छर जनित बीमारियों के प्रति सतर्क रहें और स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन करें।इस अवसर पर बी.बी.डी. कार्यक्रम के तहत मलेरिया और कालाजार नियंत्रण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले मुखिया, स्वास्थ्यकर्मी एवं कालाजार चैंपियनों को सम्मानित किया गया। उन्हें प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। सिविल सर्जन डॉक्टर मंटू टेकरीवाल के अनुसार, वर्ष 2019 से 2025 (मार्च तक) जिले में 10426 लोगों की मलेरिया जांच की गई, जिनमें से 228 मामले पॉजिटिव पाए गए। इनमें 177 प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम (PF) और 51 प्लास्मोडियम विवैक्स (PV) के मामले रहे। सभी मरीजों को समय पर इलाज मिला और किसी भी प्रकार की मृत्यु दर्ज नहीं की गई।कार्यक्रम के दौरान मलेरिया से बचाव, समय पर जांच और उपचार के लिए आवश्यक सावधानियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। यह आयोजन मलेरिया के खिलाफ जिले में चल रहे प्रयासों को मजबूती प्रदान करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।






