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April 22, 2026 4:28 pm

नहाए-खाए के साथ चैती छठ की शुरुआत।

गंदगी से जूझ रहे छठ घाट, नगर परिषद की उदासीनता उजागर, शिव-शीतला मंदिर से टीन बांग्ला पोखर तक सफाई का अभाव

पाकुड़ : लोक आस्था का महापर्व चैती छठ रविवार से नहाए-खाए के साथ श्रद्धा और उत्साह के बीच शुरू हो गया। चार दिवसीय इस पवित्र अनुष्ठान के पहले दिन व्रतियों ने नदी और तालाबों में स्नान कर कद्दू-भात का प्रसाद ग्रहण किया और विधिवत पूजा-अर्चना की।
महापर्व के दूसरे दिन खरना के साथ ही 36 घंटे का निर्जला उपवास प्रारंभ होगा। सोमवार की शाम अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य अर्पित किया जाएगा, जबकि मंगलवार सुबह उदयगामी सूर्य को अर्घ्य देने के साथ यह पर्व संपन्न होगा। हालांकि आस्था और परंपरा के इस महापर्व के बीच नगर परिषद की लापरवाही साफ तौर पर सामने आ रही है। शहर के प्रमुख छठ घाट—शिव शीतला मंदिर घाट, टीन बांग्ला पोखर और काली भसान छठ पोखर—पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। कहीं कचरा फैला है तो कहीं जलभराव और अव्यवस्था से व्रतियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि चैती छठ में व्रतियों की संख्या अपेक्षाकृत कम होती है, बावजूद इसके घाटों की साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। इससे नगर परिषद की तैयारियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं और श्रद्धालुओं में नाराजगी भी देखी जा रही है। व्रतियों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द घाटों की सफाई और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि आस्था के इस महापर्व को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण में संपन्न किया जा सके।

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