पाकुड़िया: प्रखंड में खेती का एक नया प्रयोग सामने आया है। यहां के किसान विनोद भगत ने पहली बार गर्मी के मौसम में डेढ़ एकड़ जमीन पर मूंग की खेती कर अलग राह चुनी है। कम पानी और कम लागत वाली इस फसल से उन्हें बेहतर आमदनी की उम्मीद है। विनोद भगत बताते हैं कि गांव में अब तक किसी ने मूंग की खेती नहीं की थी। उन्होंने यूट्यूब और अन्य किसानों से जानकारी लेकर यह प्रयोग शुरू किया। उनका मानना है कि पारंपरिक खेती के साथ नए विकल्प अपनाना जरूरी है। अब तक इस खेती में करीब 10 हजार रुपये की लागत आई है, जिसमें बीज, बुवाई, खरपतवार निकासी और एक हल्की सिंचाई शामिल है। विनोद के अनुसार, धान की तुलना में मूंग में काफी कम पानी और खाद की जरूरत होती है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक मूंग की अच्छी देखभाल होने पर प्रति एकड़ 4 से 5 क्विंटल उत्पादन संभव है। इस हिसाब से विनोद को डेढ़ एकड़ से 6 से 7 क्विंटल उपज मिलने की उम्मीद है। यदि बाजार में 80 रुपये प्रति किलो का भाव मिलता है, तो कुल आमदनी 48 से 56 हजार रुपये तक हो सकती है। लागत घटाने के बाद 38 से 46 हजार रुपये तक शुद्ध मुनाफा होने की संभावना है।
पाकुड़िया जैसे क्षेत्रों में, जहां गर्मी में खेत अक्सर खाली रहते हैं, वहां मूंग और उड़द जैसी दलहन फसलें किसानों के लिए अतिरिक्त आय का मजबूत विकल्प बन सकती हैं। साथ ही, यह फसल मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में भी सहायक है। फिलहाल इलाके के किसानों की नजर इस प्रयोग पर टिकी है। अगर मौसम और बाजार का साथ मिला, तो यह पहल आने वाले समय में खेती के पैटर्न में बदलाव की शुरुआत साबित हो सकती है।






