गाड़ी मालिक एक माइनिंग चालान का दो जिले में कर रहे इस्तेमाल।
सीतपहाड़ी और बिक्रमपुर खनन चेक नाका माइनिंग माफियाओं का बड़ा मददगार।
हिरणपुर थाना क्षेत्र में नई बनी रामनाथपुर की ग्रामीण सड़क का खूब कर रहे इस्तेमाल गाड़ी मालिक और माइनिंग माफिया।
चालान पर अंकित रहता है कोड भाषा,A, N, P, I, M,
बजरंग पंडित पाकुड़।
अवैध खनन व परिवहन को लेकर एक तरफ उपायुक्त ने काफी सख्त हिदायत दे रखा है, वहीं दूसरी तरफ माइनिंग विभाग का अपना ही खेल जारी है । गौरतलब हो कि पाकुड़ उपायुक्त के निर्देश पर किसी भी सूरत में अवैध खनन अवैध परिवहन बर्दास्त नही किया जाएगा जिसको लेकर जिला प्रशासन ने कई बार करवाई भी की है,लेकिन इन सब के बावजूद जिले में एक माइनिंग पर कई ट्रिप का खेल निरंतर जारी है स्वाभाविक है ऐसा तभी संभव है जब खनन नाका के साथ सांठगांठ संभव हो जाए और सांठगांठ संभव भी हो जाता है,पीडीएफ का खेल तो चल ही रहा है और दूसरी तरफ गाड़ी मालिक एक माइनिंग चालान पर दो जिले का खेल खेल रहे है । गाड़ी मालिक एक माइनिंग चालान पर सीतपहाड़ी होते हुए जहां नाका से सेटिंग तगड़ी है सरपट निकलते है साहिबगंज के कोटालपोखर नाका होकर बंगाल, कोटालपोखर नाका पर सेटिंग और तगड़ी है फटाफट नाका से निकल बंगाल में पत्थर गिरा आते है और उसी चालान पर दुबारा पत्थर लोड कर मुफस्सिल थाना होकर चांदपुर होकर निकलते है और कुछ गाड़ी मालिक सीतपहाड़ी से पत्थर लोड कर नई बनी रामनाथपुर की ग्रामीण सड़क का इस्तेमाल कर मैन रोड आ जाते है उधर से आप पाकुड़ जाएं या हिरणपुर, चालान एक ट्रिप दो और हो क्यों न जब मददगार हो जाए चेक नाका। बिक्रमपुर और इधर बिक्रमपुर खनन चेक नाका का खेल ही निराला है यहां चलता है कोड जो पहले ही नाका पर तैनात पदाधिकारी या कर्मचारी के व्हाट्स ऐप पर भेज दी जाती है कोड अंक,गाड़ी मालिक और क्रेशर मालिक के अपने अलग अलग कोड अंक है,यह कोड जैसे A:N:P:I;M और भी कई कोड संख्या है जो चालान के उपर एक कोना में या फिर पीछे लिख देते है A,M,N, या कुछ भी जो पहले तय किए होते है,,कोड देख गाड़ी छोड़ दी जाती है नाका के द्वारा,हिरणपुर और पाकुड अंचल क्षेत्र पर स्थित क्रेशर मालिक जिनका गाड़ी मालिक के साथ खनन चेक नाका पर काफी तगड़ी साठगांठ है,इस क्षेत्र के कई क्रेशर मालिक जिनकी अपनी कई गाड़ियां है और खनन चेक नाका इन क्षेत्रों पर कई जगह स्थित है,इस कारण यहां के क्रेशर मालिक और गाड़ी मालिक माइनिंग चालान को लेकर तरह तरह के हथकंड़े अपनाते है,कोई चालान का पीडीएफ का खेल खेलता है तो कोई सेटिंग कर कोड नंबर पर अपनी गाड़ी पास करवाते है। तू डाल डाल में पात पात वाली कहानी बयां की जा रही है।
मुफस्सिल से हिरणपुर थाना क्षेत्र के खनन चेक नाका पर हर दिन देखी जा सकती है कई गाड़ियां,शाम होते ही माइनिंग माफिया अपनी गाड़ी से निकल नाका के अगल बगल अपनी सेटिंग की जुगाड में रहता है। सूत्रों के अनुसार बिक्रमपुर मोड़ पर स्थित चेक नाका के समीप एक चाय की दुकान पर हर दिन कई चालान मिल जायेंगे जो माइनिंग माफिया के द्वारा गाड़ी मालिकों के लिए रखी जाती है






