पाकुड़। पीएम पोषण योजना के बेहतर संचालन और स्कूली बच्चों के लर्निंग आउटकम में सुधार को लेकर सोमवार को समाहरणालय सभागार में जिला स्टीयरिंग सह मॉनिटरिंग समिति की बैठक हुई। उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में हुई बैठक में विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति, शैक्षणिक गुणवत्ता, आधारभूत सुविधाओं और पीएम पोषण योजना की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कम उपस्थिति वाले विद्यालयों को चिह्नित कर विशेष टीम गठित करने और स्थिति में सुधार लाने का निर्देश दिया। उन्होंने बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए समुदाय और अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। प्राथमिक कक्षाओं में मॉडल आधारित शिक्षण पद्धति विकसित कर उसे प्रोजेक्ट इम्पैक्ट के रूप में लागू करने तथा हिंदी, अंग्रेजी और गणित को सरल तरीके से पढ़ाने के लिए मॉडल तैयार करने का निर्देश दिया। बच्चों की प्रतिभा और रचनात्मक क्षमता निखारने के लिए स्कूलों में डांस, क्विज, हस्तलेखन और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित करने को कहा गया। बाल संरक्षण को लेकर जागरूकता गतिविधियां चलाने का भी निर्देश दिया गया। जिन विद्यालयों में अतिरिक्त कमरों की जरूरत है, उन्हें चिह्नित कर नए कक्षा-कक्ष निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया।
ई-विद्या वाहिनी पर उपस्थिति नहीं बनाई तो अनुपस्थित माने जाएंगे शिक्षक
उपायुक्त ने सभी शिक्षकों को प्रतिदिन ई-विद्या वाहिनी एप पर उपस्थिति दर्ज करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि एप पर उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले शिक्षकों की उपस्थिति अनुपस्थित के रूप में दर्ज की जाएगी। कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों के लिए नियमित काउंसलिंग सेशन आयोजित कर उन्हें करियर, भविष्य और उच्च शिक्षा के संबंध में मार्गदर्शन देने को कहा गया। बैठक में प्रोजेक्ट रेल को सक्रिय करने तथा पीएम पोषण योजना के तहत रसोइयों को मानदेय का भुगतान समय पर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। वहीं, 65 रसोइयों के लंबित आयुष्मान कार्ड एक सप्ताह के भीतर बनवाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
उपायुक्त ने सिविल सर्जन को विद्यालयों में एएनसी चेकअप को लेकर स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने का भी निर्देश दिया। बैठक में उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, एडीपीओ, बीईईओ, बीपीओ, बीआरपी, सीआरपी समेत संबंधित पदाधिकारी व कर्मी मौजूद रहे।






