जेसीबी मशीन के दांत के निशान छुपाने को लेकर लगाए गए मजदूर
सुबल यदुवंशी
महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना जो ग्रामीणों को रोजगार प्रदान करती है, जिसको लेकर केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार काफी गंभीर रहती है लेकिन विभाग और बिचौलियों की वजह से मनरेगा मजदूर को भूखा रख योजना का कार्य मशीन से किया जा रहा है,हिरणपुर प्रखंड के बड़ताला पंचयात में एक मनरेगा योजना के कार्य में मशीन उपयोग होने का मामला प्रकाश में आया है, जबकि मनरेगा योजना में मशीन का उपयोग वर्जित है। प्राप्त जानकारी के अनुसार हिरणपुर प्रखंड बड़ताला पंचायत के जामबाद गाँव में मनरेगा योजना के तहत बन रहे सिचाई कूप निर्माण कार्य के दौरान जेसीबी मशीन से कार्य किया जा रहा था। जिसकी जानकारी नाम न छापने पर मनरेगा मजदूरों ने ही की है। ग्रामीणों कहना हैं कि पहले जैसीबी से खोदकर खड्डा छोड़ दिया और दूसरे दिन सुबह से मजदूर लगा कर जैसीबी मशीन के दांत और चक्का का दाग को मिटा दिया गया। जबकि मनरेगा योजना ग्रामीण क्षेत्रों पर रहने वाले ग्रामीणों के लिए है जिनको रोजगार प्रदान कराने हेतु केंद्र सरकार एवं हिरणपुर प्रखंड के बड़ताला पंचयात में एक मनरेगा योजना के कार्य में मशीन उपयोग होने का मामला प्रकाश में आया है, जबकि मनरेगा योजना में मशीन का उपयोग वर्जित है। जानकारी मुताबिक हिरणपुर प्रखंड बड़ताला पंचायत के जामबाद गाँव में मनरेगा योजना के तहत बन रहे सिचाई कूप निर्माण कार्य के दौरान जेसीबी मशीन से कार्य किया जा रहा था। जिसकी जानकारी मनरेगा मजदूरों ने ही की है। ग्रामीणों कहना हैं कि पहले जैसीबी से खोदकर छोड़ दिया उसके एक दिन बाद सुबह में मजदूर से सब जैसीबी का चक्का का दाग सब मिटा दिए, मुखिया, पंचायत सचिव, रोजगार सेवक कि मिलीभगत से JCB चलवा दी जाती है. मनरेगा कर्मी एवं बिचौलिया की तगड़ी सेटिंग ऐसी होती है कि जब तक योजना चलती है योजना पट्ट नहीं लगाई जाती है, योजना की लीपा पोती करने के बाद सूचना पर लगा दिया जाता है।






