सरकार से सीबीआई जांच की मांग: अभाविप।
सतनाम सिंह
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् पाकुड़ ने जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के रद्द होने पर राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन कर इस घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। पुतला दहन के दौरान जेएसएससी सीजीएल के परीक्षार्थियों को न्याय दो, हेमंत सोरेन हाय हाय,जेएसएससी अध्यक्ष हाय-हाय, यह सरकार निकम्मी है तो यह सरकार बदलनी है आदि नारे लगाए गए।
विश्वविद्यालय संयोजक बमभोला उपाध्याय ने बताया कि इस सरकार ने 2019 के विधानसभा चुनाव से पहले झारखंड के युवाओं को दो वर्ष के अंदर पांच लाख नौकरी देने की वादा किया था। 2016 की वैकेंसी की वर्षों बाद आयोजित होने वाली इस परीक्षा के लिए युवाओं ने वर्षों तैयारी की थी और उनमें आशा का भाव उत्पन्न हुआ था। झारखंड के युवाओं के भविष्य मेहनत और महत्वाकांक्षा की हत्या इस सरकार के शासन में हुआ है। पेपर लीक परीक्षा की सुचिता पर भी सवाल उठाता है। बेरोजगारी, भ्रष्टाचार तथा पेपरलीक से झारखंड के युवाओं के भविष्य पर संकट वर्तमान में संकट है। गठबंधन में शामिल सरकारे न्याय यात्रा का ढोंग कर जनता को गुमराह कर रही है। क्षेत्र के मंत्री पाकुड़ में अब तक पीजी की पढ़ाई प्रारंभ करवाने में असफल रहे हैं। पेपर लीक की घटना पर भी मौन साधे हुए हैं। राज्य के युवा भी चुनाव के समय में सरकार के इस मौन का जवाब अपने मत से देंगे।’ झारखंड के युवाओं में इससे असंतोष है। आज प्रदेश का युवा त्रस्त है-पीड़ा में है। विद्यार्थी परिषद प्रदेश भर में सरकार का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन करेगी। आज प्रदेश सरकार के शासन में युवा अपने आप को कमजोर व शक्तिहीन पा रहा है। उन्होंने पुरे घटना की सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा होनी चाहिए। जिला संयोजक गुंजन तिवारी ने जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा पहले भी कई बार टाली जा चुकी है।ऐसे में अभ्यर्थी काफी समय से परीक्षा शुरू होने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन पहले ही दिन पेपर लीक होने से अब एक पाली की परीक्षा रद्द भी कर दी गई। रोजगार देने के नाम पर युवाओं के वोट से बनी यह सरकार आज युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने पर तुली है। विद्यार्थी परिषद सरकार से पेपर लीक घटना की सीबीआई जांच की मांग करते हुए भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति नहीं हो इसके लिए दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग करती है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बेखौफ पेपर माफिया समूचे परीक्षा तंत्र को प्रभावित कर रहे हैं।इसीलिए प्रदेश में ऐसा माहौल बना है। सरकार बताए आखिर ऐसे लोगों पर कब कार्रवाई की जाएगी।कब तक प्रदेश में ऐसा चलता रहेगा। पेपर निरस्त होना कमजोर सरकार और प्रशासन की नाकामी का एक और प्रमाण है। शासन में बेखौफ पेपर माफिया समूचे परीक्षा तंत्र इस कदर हावी हो चुका है कि अब राज्य में निष्पक्ष और पारदर्शिता के साथ परीक्षाएं संपन्न होना असंभव है। अभाविप परीक्षार्थियों के लिए न्याय की मांग करते हुए अविलंब सीबीआई जांच की मांग करती है। पुतला दहन के दौरान कॉलेज मंत्री दुलाल चंद्र दास , प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य प्रदीप मिश्रा, महाविद्यालय अध्यक्ष आनंद भंडारी,छोटन मंडल,गौतम , सुमित सेन,जीत साहा सहित अन्य कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।






