नही गली दाल भाजपा की।
मेरे लिए पार्टी और गठबंधन पहली प्राथमिकता, पद नही,मंत्री आलमगीर आलम।
सतनाम सिंह
झारखंड का हालिया राजनीतिक उथलपुथल पूरे देश में राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है लेकिन पाकुड़ विधानसभा के ऐसे भी नेता हैं जिन्होंने इस राजनीतिक उथलपुथल में भी अपनी राजनीतिक जिम्मेदारी व गठबंधन की यारी को बरकरार रखते हुए अपने संभावित पद को दरकिनार कर दिया । सूत्रों की मानें तो विगत दिनों झारखंड की राजनीति घटनाक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी व भावी मुख्यमंत्री के दावे बखूबी चर्चा में रहे, जिसमें कई नाम सामने आ रहे थे, लेकिन यकायक चंपई सोरेन का नाम बतौर मुख्यमंत्री के रूप में सामने आ गया । सूत्र बता रहे हैं कि भावी मुख्यमंत्री के रूप में पाकुड़ विधानसभा के विधायक सह ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम का नाम भी लिस्ट में था, लेकिन नतीजा सबके सामने है। इस बाबत विधायक से जब पूछा गया तो उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि राजनीति में पद की गरिमा से बढ़कर प्रतिष्ठा व गठबंधन धर्म की गरिमा का पालन जरूरी होता है । चंपई सोरेन सरकार के द्वारा विधानसभा में शक्ति परीक्षण को पास करने के मुद्दे पर विधायक आलमगीर आलम ने स्पष्ट तौर पर कहा कि ये दरअसल भाजपा की कुत्सित राजनीति की हार व गठबंधन सरकार की सकारात्मक राजनीति की जीत है । विधायक आलमगीर आलम ने आगे कहा कि पूरा राज्य ही नही पूरा देश देख रहा है कि भाजपा किस तरह सत्ता सुख पाने के लिए बेवजह राज्य सरकारों व उनकी सरकार को परेशान कर रही है, आगामी चुनाव चाहे वो लोकसभा की हो या विधानसभा की, जनता मतदाता के रूप में इसका जबाब जरूर देगी ।





