सुदीप कुमार त्रिवेदी
किसी भी लोकतांत्रिक देश के लोकतंत्र के चार स्तंभ क्रमशः न्यायपालिका, विधायिका, कार्यपालिका एवं मीडिया होती है । विगत दिनों झारखंड विधानसभा सदस्य व खिजरी विधानसभा के विधायक राजेश कच्छप ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ माने जाने वाले मीडिया व पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर अविलंब व अपरिहार्य रूप से पत्रकार सुरक्षा कानून बनाए जाने की मांग को विधानसभा में जोरदार तरीके से उठाया । विधानसभा में खिजरी विधानसभा के विधायक राजेश कच्छप ने कहा कि मीडिया से जुड़े लोग व पत्रकार समाज व देश का आईना होते हैं । विधायक ने आगे कहा कि पत्रकारिता से जुड़े लोग अपनी जान जोखिम में डालकर समाज के शोषित व दबे कुचले आम लोगों की आवाज को एक मुकम्मल मंच प्रदान करते हैं लेकिन हाशिए पर पहुँचे लोगों की आवाज बनकर काम करने वाले पत्रकार की सुरक्षा के मुद्दे खुद हाशियाकरण का शिकार है, लिहाजा उन्होंने राज्य सरकार से इस दिशा में पत्रकार सुरक्षा कानून बनाए जाने की मांग की है । गौरतलब हो कि आए दिन देश के अन्य हिस्सों में राजनीतिक रसूखदारों व अपराधियों के कोपभाजन का शिकार बनने की घटना के समाचार अखबारों व विभिन्न मीडिया चैनलों में आते रहते हैं लेकिन इस दिशा में पर्याप्त कानून के अभाव के कारण मीडिया जगत से जुड़े लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है । खिजरी विधायक राजेश कच्छप के द्वारा उठाए गए उक्त माँग की तारीफ ना केवल पत्रकारिता से जुड़े संगठनों ने की है अपितु समाज के अन्य वर्गों मसलन समाजसेवी व अधिवक्ता वर्ग से जुड़े लोग भी इस कदम की मुक्त कंठ से प्रशंसा कर रहे हैं ।





