सुदीप कुमार त्रिवेदी
अचानक गर्मी आने के साथ-साथ वातावरण का तापमान लगातार बढ़ रहा है। ज्ञात हो महज कुछ दिनों में गर्मी का तापमान 34 डिग्री पार हो गया जिसको लेकर पाकुड़ स्वास्थ्य विभाग ने सुरक्षित और स्वास्थ्य रहने के उपाय जारी किए । अत्यधिक गर्मी के कारण अनेक प्रकार के स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएँ उत्पन्न होती है जिससे जनसामान्य का अवगत होना आवश्यक एवं महत्त्वपूर्ण है। बढते तापमान एवं गर्मी के दुष्प्रभाव से सभी लोग प्रभावित हो सकते है किन्तु इसका दुष्प्रभाव शिशुओं एवं छोटे बच्चों, वृद्ध व्यक्तियों, कामगार एवं जटिल बिमारियों से ग्रस्त व्यक्यिों पर अधिक होता है। आने वाले गर्मी के मौसम में स्वास्थ्य की देखभाल एवं गर्मी के दुष्प्रभाव से बचने हते जनसामान्य को आवश्यक सुझाव दिए जाते है जिन्हें अपनाकर हम गर्मी को दूर भगा सकते हैं और इसके दुष्प्रभाव से बच सकते है। दिन भर में लगातार तरल पदार्थ पानी लगातार पीना सबसे अच्छा विकल्प है। प्यास न होने पर भी पानी पीते रहें। नशीले पदार्थ, शराब भारी एवं तला हुआ भोजन एवं कार्बोनेटड शीतल पेय का सेवन न करें। दिन के तेज धुप (सामान्य 12:00 से 3:00 बजे तक) में बाहरी कार्य से बचे। कृषि एवं भारी कार्य के लिए सुबह एवं शाम का समय निर्धारित करें एवं बच्चों को धूप में अकेला न छोड़े। गर्मी में हल्के एवं ढीले ढाले सुती वस्त्र पहने, धुप में छाता टोपी चश्मा एवं जुते का उपयोग करे। चक्कर या उल्टी आने पर छायादार स्थान में आराम करे, ताजे रसीले फल एवं फलो का रस, लस्सी नीबू पानी, कच्चे आम का पन्ना एवं नमक युक्त पेय पदार्थ का सेवन करे।
दिन के समय में घरो में या शीतल स्थान में समय बिताऐं पंखो एवं कुलर का उपयोग करें। यात्रा के समय पानी का बोतल साथ रखे। ठण्डे पानी से स्नान शरीर के तापमान को कम करने में मदद करती है। उल्टी, सिरदर्द, तेज बुखार की अवस्था में निकट के अस्पताल में अविलंब सम्पर्क करें।
अपने आस पास के लोगो में अधिक गर्मी के कारण स्वस्थ्या खराब होने पर सहायता करे। पाकुड़ के निवासी आने वाले गर्मी में उपरोक्त साधारण उपाय अपनाकर गर्मी से होने वाले सम्बंधित बिमारियों से बच सकते है।






