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May 13, 2026 2:21 am

संत पॉल विद्यालय में खिलाई गई डी. ई. सी. एवं अलबेडाजोल की खुराक।

राजकुमार भगत

पाकुड़। भारत सरकार द्वारा फाइलेरिया रोग से बचाव एवं उन्मूलन हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ताकि लोगों को फाइलेरिया होने से बचाया जा सके। इस हेतु 10 फरवरी से 25 फरवरी या फाइलेरिया उन्मूलन हेतु दवा खिलाई जा रही है, जिसके तहत प्रत्येक विद्यालय एवं घरों में फैलेरिया एवं कृमि से बचाव हेतु डी. ई. सी. एवं ऑलवेडाजोल की दवा निशुल्क खिलाई जा रही है। अभियान के तहत सोमवार को स्थानीय संत पॉल विद्यालय धनूषपूजा पाकुड़ में सभी बच्चों को बारी-बारी से कृमि एवं फाइलेरिया से बचाव हेतु एएनएम सबिना मरांडी एवं रूमी मंडल द्वारा दवा खिलाई गई। संत पॉल विद्यालय के निदेशक गाब्रियल मुर्मू ने बताया की फाइलेरिया एक ऐसी बीमारी है जो मच्छर के काटने से उसके संक्रमण द्वारा होता है। इससे इससे हाथ पांव में सूजन हो जाते हैं जिसे हाथी पांव भी कहते हैं। एक बार यदि फाइलेरिया हो जाए तो फिर उसका इलाज करना बहुत कठिन है। फाइलेरिया एक ऐसी बीमारी है जिसकी पता चलने में लगभग 10 बरस बीत जाते हैं और तब तक इलाज करने में बहुत देर हो जाती है । इसके बचाव हेतु पहले ही दवा खा ली जाती है ताकि यदि मच्छर काट भी ले तो इसकी संक्रमण से शरीर को बचाया जा सकता है। यह दावा लोगों को प्रत्येक वर्ष साल में एक बार खानी चाहिए और फलेरिया होने से अपने आप को बचाना चाहिए। मौके पर प्राचार्या सुनिता हांसदा, उप प्राचार्या बिनीता हेंब्रम आदि उपस्थित थे।

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