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October 6, 2026 11:01 pm

रेबीज पर जिला प्रशासन का निर्णायक फैसला, आवारा कुत्तों की नसबंदी-टीकाकरण अनिवार्य, अस्पतालों में हर समय वैक्सीन उपलब्ध।

पाकुड़। आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या और रेबीज की रोकथाम को लेकर उपायुक्त मनीष कुमार ने जिला-स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) और रेबीज उन्मूलन को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा—जनस्वास्थ्य और पशु-कल्याण दोनों प्राथमिकता हैं।
बैठक में आवारा कुत्तों की नियमानुसार नसबंदी, नियमित टीकाकरण और कृमिनाशक दवा सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया। बीमार और घायल कुत्तों के इलाज, आवासन और देखभाल के लिए जिले में आश्रय गृह स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि पशुओं को सुरक्षित और मानवीय वातावरण मिल सके। स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट करते हुए उपायुक्त ने कहा कि जिले के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में एंटी-रेबीज वैक्सीन और रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन की पर्याप्त उपलब्धता हर समय रहे, ताकि पीड़ितों का समय पर इलाज हो सके। रेबीज से बचाव के लिए स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए गए। बच्चों को सावधानियों और प्राथमिक उपचार की जानकारी दी जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि रेबीज जानलेवा बीमारी है, इसके उन्मूलन के लिए प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, नगर परिषद, पशुपालन विभाग और समाज को समन्वित प्रयास करने होंगे।
बैठक में सिविल सर्जन, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, नगर परिषद के प्रशासक सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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