पाकुड़ जिले में शनिवार का दिन गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए ऐतिहासिक बन गया। जिले के सभी प्रखंडों में एक साथ आवास योजनाओं के तहत गृह प्रवेश कराकर प्रशासन ने यह साफ संदेश दिया कि सरकार की योजनाएं अब कागजों से निकलकर जमीन पर उतर रही हैं। इसी क्रम में उपायुक्त मनीष कुमार ने पाकुड़ प्रखंड के नरोत्तमपुर पंचायत में अबुआ आवास योजना और प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के लाभुकों को उनके नए पक्के घरों में विधिवत गृह प्रवेश कराया। नरोत्तमपुर गांव की रोहिमा बीबी और रामचंद्रपुर गांव की रीता पहाड़िन के लिए यह पल भावुक करने वाला था—क्योंकि वर्षों बाद उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक छत मिली। उपायुक्त, बीडीओ समीर अल्फ्रेड मुर्मू, अंचलाधिकारी अरबिंद कुमार बेदिया, जिला समन्वयक निभा कुमारी, परियोजना पदाधिकारी मोतिउर रहमान, बीपीओ अजित टुडु और पंचायत मुखिया ने फीता काटकर व नारियल फोड़कर गृह प्रवेश कराया। गृह प्रवेश के बाद लाभुकों को प्रेशर कुकर भेंट कर सम्मानित भी किया गया। पक्का घर पाकर लाभुकों के चेहरे खुशी से खिल उठे। उन्होंने कहा कि पहले कच्चे मकान में बरसात और ठंड में जीवन मुश्किल था, लेकिन अब सरकार की मदद से उन्हें सुरक्षित आवास मिला है। लाभुकों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया। इस मौके पर उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि अबुआ आवास योजना मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका लक्ष्य है कि राज्य का कोई भी परिवार बेघर न रहे। उन्होंने अधिकारियों को लंबित आवासों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया और लाभुकों से अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। उपायुक्त ने कहा कि पूरे जिले में एक साथ गृह प्रवेश कार्यक्रम प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को नियमित स्कूल भेजने और शिक्षा को जीवन का मजबूत आधार बनाने की भी अपील की।







