जनता और उद्योग की जायज़ मांगों के साथ है पार्टी: पंकज मिश्रा
पाकुड़: झारखंड के महत्वपूर्ण औद्योगिक जिलों में शुमार पाकुड़ में रेलवे की कथित उपेक्षा के खिलाफ पत्थर व्यवसायियों का आक्रोश अब संगठित आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है। प्रस्तावित रेल लोडिंग बंद को लेकर जहां व्यवसायी निर्णायक रुख अपनाने की तैयारी में हैं, वहीं इस आंदोलन को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का खुला समर्थन मिलना इसे राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर मजबूती देता नजर आ रहा है।झामुमो प्रवक्ता पंकज मिश्रा ने पत्थर व्यवसायियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनीं और रेल लोडिंग बंद के फैसले को पूरी तरह जायज़ ठहराया। बैठक में व्यवसायियों ने एक स्वर में कहा कि पाकुड़ जैसे औद्योगिक महत्व के जिले को रेलवे लगातार नजरअंदाज कर रहा है। न दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन है, न राजधानी एक्सप्रेस और वंदे भारत जैसी प्रमुख ट्रेनों का ठहराव। इसका सीधा असर न सिर्फ कारोबार पर पड़ रहा है, बल्कि आम यात्रियों को भी भारी असुविधा झेलनी पड़ रही है।पंकज मिश्रा ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक वर्ग का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास से जुड़ा हुआ है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक जनता और स्थानीय व्यवसायियों की जायज़ मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा। झामुमो इन मुद्दों को रेलवे और सरकार के समक्ष मजबूती से उठाएगा।उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि पाकुड़ क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पत्थर उद्योग पर काफी हद तक निर्भर है और बेहतर रेल कनेक्टिविटी के बिना यहां औद्योगिक विकास की कल्पना अधूरी है। रैक लोडिंग की समस्याओं का समाधान, प्रमुख ट्रेनों का ठहराव और सीधी रेल सेवाएं अब केवल मांग नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुकी हैं।बैठक के अंत में पत्थर व्यवसायियों ने स्पष्ट संकेत दिया कि यदि मांगों पर शीघ्र पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। ऐसे में आने वाले दिनों में पाकुड़ का यह मुद्दा जिला स्तर से निकलकर राज्य स्तर की बहस बन सकता है।





