रामगढ़। शनिवार को राधा गोविन्द विश्वविद्यालय, रामगढ़ के हिंदी विभाग में विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर एक सारगर्भित चर्चा-परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन हुआ।

मुख्य विषय हिंदी : एकता और सांस्कृतिक गौरव की वैश्विक आवाज रहा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया तथा आधुनिक समय में हिंदी की वैश्विक उपस्थिति, सांस्कृतिक महत्त्व, भाषाई अस्मिता तथा राष्ट्र की एकता में इसकी भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। परिचर्चा का प्रारंभ विभागाध्यक्ष डॉ. मनमीत कौर द्वारा विश्व हिंदी दिवस के ऐतिहासिक सन्दर्भ, हिंदी के अंतरराष्ट्रीय विस्तार और डिजिटल मीडिया युग में हिंदी की सुदृढ़ होती उपस्थिति के उल्लेख से हुआ। वक्ताओं ने विशेष रूप से यह रेखांकित किया कि हिंदी भाषा केवल साहित्य की भाषा नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक बंधन, सामाजिक समरसता और पहचान की प्रतीक है।

सत्र में विद्यार्थियों ने प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रवासी भारतीयों द्वारा हिंदी के संरक्षण, वैश्विक मंचों पर हिंदी की भूमिका, हिंदी अनुवाद उद्योग के विस्तार तथा हिंदी की भाषिक क्षमता पर विचार रखे। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बी. एन. साह का ने अपने सन्देश में कहा कि विश्व हिंदी दिवस न केवल भाषाई गौरव का उत्सव है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक जड़ों और पहचान को वैश्विक पटल पर स्थापित करने का अवसर भी है। हिंदी की उन्नति ही भारतीयता की उन्नति है। विश्वविद्यालय सचिव प्रियंका कुमारी ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि हिंदी एक भावनात्मक और सांस्कृतिक सेतु है, जो विविधताओं के बीच एकता का आधार बनती है। युवा पीढ़ी को हिंदी की क्षमता को पहचानते हुए ज्ञान, साहित्य और तकनीक में इसे आगे बढ़ाना चाहिए। कुलपति प्रो. (डॉ.) रश्मि ने अपने संदेश में कहा कि हिंदी वैश्विक संवाद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की प्रभावी भाषा बन चुकी है। विश्वविद्यालय शिक्षण के साथ-साथ भाषाई चिंतन और शोध को भी आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा। हिंदी के सम्मान और प्रसार में शिक्षा संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सत्येन्द्र कुमार ने किया तथा धन्यवाद-ज्ञापन डॉ. अंजनी कुमार मिश्रा द्वारा दिया गया। मौके पर प्रो (डॉ) निर्मल कुमार मंडल, वित्त एवं लेखा पदाधिकारी डॉ संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो (डॉ) अशोक कुमार, प्रबंध समिति सदस्य अजय कुमार , विभाग के अन्य व्याख्यातागण एवं छात्र- छात्राएं उपस्थित रहे।





