पाकुड़/ महेशपुर प्रखंड की बाबूदाहा पंचायत को जिले का आदर्श विकास मॉडल बनाने की कवायद तेज हो गई है। उपायुक्त मनीष कुमार ने पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI) 2.0 के तहत समीक्षा बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए—अब विकास दिखना चाहिए, सिर्फ कागजों पर नहीं। पंचायत को “हेल्दी पंचायत” के रूप में विकसित करने के लिए स्वास्थ्य, पोषण, सड़क, पानी, स्वच्छता और योजनाओं के क्रियान्वयन पर फोकस रहेगा।
हर परिवार की बनेगी हेल्थ प्रोफाइल।
डीसी ने निर्देश दिया कि पंचायत के हर परिवार की बेसिक हेल्थ प्रोफाइलिंग की जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण होगा, कुपोषित बच्चों की पहचान कर विशेष शिविर लगाए जाएंगे। स्वास्थ्य उपकेंद्रों की खामियों को तुरंत दुरुस्त करने का आदेश दिया गया।
टूटी सड़कें, स्कूल-आंगनबाड़ी—सबका होगा कायाकल्प।
पंचायत की जर्जर सड़कों की मरम्मत तुरंत शुरू होगी। स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, खेल मैदान और सामुदायिक भवनों को प्राथमिकता पर मजबूत किया जाएगा। पेयजल संकट दूर करने और जल संरक्षण संरचनाओं को चालू हालत में लाने के निर्देश दिए गए।
घर-घर कचरा उठाव, नालियों की सुधरेगी व्यवस्था।
बाबूदाहा को “स्वच्छ पंचायत” बनाने के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर जोर दिया गया। घर-घर कचरा उठाव, जलनिकासी की बेहतर व्यवस्था और वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा।
PDS-पेंशन सहित सभी योजनाओं का 100% लाभ।
डीसी ने साफ कहा—जनवितरण प्रणाली, पेंशन, महिला-बाल विकास और शिक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ हर पात्र तक पहुंचे। पंचायत के अच्छे कामों का दस्तावेजीकरण और वीडियो तैयार कर मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने को भी कहा गया।
समयसीमा तय, जवाबदेही तय।
उपायुक्त ने सभी विभागों को तय समय में काम पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा—पंचायत प्रतिनिधि, अधिकारी और ग्रामीण मिलकर काम करें, तभी बाबूदाहा जिले की आदर्श पंचायत बनेगी। बैठक में सिविल सर्जन, बीडीओ, डीपीएम, सीडीपीओ, मुखिया, पंचायत सचिव, कनीय अभियंता व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।







