Search

February 28, 2026 12:34 am

युवा संसद 2026 : लोकतंत्र की मजबूती का मंच बनेगा पलामू।

पलामू जिले की मेजबानी करेगा मजदूर किसान महाविद्याल डंडारकला।

युवाओं को मिलेगा नेतृत्व का अवसर – डॉ दिलीप (प्राचार्य, मजदूर किसान महाविद्याल )

पांकी /पलामू
संजय कुमार

देश के समग्र विकास में युवाओं की भूमिका सदैव निर्णायक रही है। मजबूत राष्ट्र निर्माण का आधार जागरूक, विचारशील और जिम्मेदार युवा ही होते हैं। इसी सोच को सशक्त दिशा देने के उद्देश्य से युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आगामी 1 मार्च से “युवा संसद 2026” का आयोजन देशभर में किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का आयोजन पलामू जिले में भी किया जाएगा, जिसकी मेजबानी मजदूर किसान महाविद्यालय, डंडारकला को सौंपी गई है।

इस आशय की जानकारी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. दिलीप राम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी। उन्होंने बताया कि युवा संसद कार्यक्रम युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़ने, विचार अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित करने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित करने का एक सशक्त मंच है।

उन्होंने कहा कि आज के युवा केवल देश का भविष्य ही नहीं बल्कि वर्तमान के नीति निर्धारण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब नई पीढ़ी उसकी मूल भावना, चुनौतियों और इतिहास को समझे। युवा संसद इसी दिशा में एक सार्थक पहल है।

इस कार्यक्रम का मुख्य विषय रखा गया है: “आपातकाल के पचास वर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक”

“आपातकाल के पचास वर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक”

इस गंभीर और ऐतिहासिक विषय पर जिला स्तरीय भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पलामू जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पंजीकृत युवा प्रतिभागी भाग लेंगे। पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कराने वाले प्रतिभागियों को अपने विचार प्रस्तुत करने के लिए अधिकतम तीन मिनट का समय दिया जाएगा।

डॉ. दिलीप राम ने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय रहा है। यह केवल एक राजनीतिक घटना नहीं बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं, नागरिक अधिकारों और संविधान की मजबूती की परीक्षा का दौर था। ऐसे में युवाओं के लिए यह आवश्यक है कि वे इतिहास से सीख लेकर भविष्य के लोकतंत्र को अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में सोच विकसित करें।

उन्होंने आगे कहा:

“युवा संसद का उद्देश्य युवाओं में तार्किक सोच, संवाद क्षमता, संवैधानिक समझ और लोकतांत्रिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। जब युवा इतिहास को समझेंगे, तभी वे बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकेंगे।”

यह कार्यक्रम युवाओं को न केवल मंच प्रदान करेगा बल्कि उन्हें नेतृत्व, वाद-विवाद और नीति विषयों पर अपनी समझ विकसित करने का अवसर भी देगा।

महाविद्यालय प्रशासन ने इस आयोजन को सफल बनाने हेतु तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। साथ ही जिले के युवाओं से अपील की गई है कि वे बढ़-चढ़कर इस कार्यक्रम में भाग लें। और लोकतंत्र की मजबूती में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।

युवा संसद 2026 पलामू जिले के युवाओं के लिए एक ऐसा मंच साबित हो सकता है जहाँ वे न केवल अपनी आवाज बुलंद करेंगे बल्कि राष्ट्र निर्माण की दिशा में अपने विचारों की सार्थक भूमिका भी तय करेंगे।

Leave a Comment

लाइव क्रिकेट स्कोर