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March 11, 2026 7:38 pm

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12 मार्च को शपथ लेंगी अध्यक्ष सबरी पाल, उसी दिन होगा उपाध्यक्ष का चुनाव; राणा ओझा और रूपाली सरकार में मुकाबला

पाकुड़: पाकुड़ नगर परिषद में 12 मार्च को नवनिर्वाचित अध्यक्ष और पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा। इसी दिन नगर परिषद की नवनिर्वाचित अध्यक्ष सबरी पाल औपचारिक रूप से अपने पद की शपथ लेंगी। शपथ ग्रहण के साथ ही नगर परिषद में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है। वहीं उसी दिन उपाध्यक्ष पद के लिए मतदान भी कराया जाएगा, जिससे यह तय होगा कि नगर परिषद का उपाध्यक्ष कौन बनेगा।सबरी पाल ने नगर परिषद चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भारी मतों से जीत दर्ज कर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। लंबे समय तक भाजपा से जुड़ी रहने और पार्टी में सक्रिय भूमिका निभाने के बावजूद टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और शानदार जीत हासिल की। उनकी इस जीत को उनकी व्यक्तिगत लोकप्रियता और व्यापक जनसमर्थन का परिणाम माना जा रहा है।नवनिर्वाचित अध्यक्ष सबरी पाल की छवि एक सुलझी हुई, सक्रिय और साफ-सुथरे चरित्र वाली जनप्रतिनिधि की रही है। चुनाव के दौरान उन्होंने शहर के विकास, नागरिक सुविधाओं में सुधार और बेहतर नगर व्यवस्था का भरोसा दिया था। अब नगरवासियों को उनके किए गए वादों के पूरा होने का इंतजार है।

इधर नगर परिषद में उपाध्यक्ष पद को लेकर भी सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। उपाध्यक्ष बनने के लिए किसी भी उम्मीदवार को कम से कम 11 पार्षदों का समर्थन जरूरी होगा। ऐसे में संभावित उम्मीदवार समर्थन जुटाने के लिए लगातार पार्षदों से संपर्क साध रहे हैं।उपाध्यक्ष पद के लिए मुख्य मुकाबला वार्ड संख्या पांच के पार्षद राणा ओझा और वार्ड संख्या चार की पार्षद रूपाली सरकार के बीच माना जा रहा है। राणा ओझा इससे पहले भी वार्ड पार्षद रह चुके हैं, जिससे उन्हें अनुभव का लाभ मिलने की बात कही जा रही है।सूत्रों के अनुसार वर्तमान स्थिति में राणा ओझा के पक्ष में 11 से अधिक पार्षदों का समर्थन बताया जा रहा है। उनके समर्थकों का दावा है कि यह संख्या बढ़कर करीब 15 तक पहुंच चुकी है। वहीं दूसरे गुट के लोग भी अपने पक्ष में पर्याप्त समर्थन होने का दावा कर रहे हैं। उपाध्यक्ष पद को लेकर पार्षदों के बीच जोड़-तोड़ की राजनीति भी तेज हो गई है और कुछ लोग पर्दे के पीछे किंगमेकर की भूमिका निभाते हुए अपने उम्मीदवार के लिए समर्थन जुटाने में लगे हुए हैं।

नगर परिषद क्षेत्र में कुल 21 पार्षद हैं। ऐसे में उपाध्यक्ष बनने के लिए किसी भी उम्मीदवार को आधे से अधिक यानी कम से कम 11 पार्षदों का समर्थन जरूरी होगा। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार पार्षदों के मतदान के आधार पर ही उपाध्यक्ष का चयन किया जाएगा।

इधर शहर के लोगों को नई नगर परिषद से काफी उम्मीदें हैं। शहर में पेयजल समस्या, यातायात जाम और साफ-सफाई जैसे मुद्दे लंबे समय से चर्चा में रहे हैं। नगरवासियों को उम्मीद है कि अध्यक्ष सबरी पाल के नेतृत्व में पाकुड़ को जाम मुक्त, स्वच्छ और सुव्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में ठोस पहल की जाएगी। शपथ ग्रहण समारोह को लेकर शहर में उत्साह का माहौल भी देखा जा रहा है।

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