कई स्कूलों में गैस सिलेंडर खत्म, विभागीय निर्देशों के बावजूद कोयले से एमडीएम तैयार, एजेंसी ने बताई सप्लाई में कमी।
हिरणपुर (पाकुड़): गैस की कमी को लेकर प्रखंड के कुछेक विद्यालयों में कोयले से मध्यान्ह भोजन बनाया जा रहा है। वही कुछ विद्यालयों में तो विभागीय निर्देशो का उल्लंघन करते हुए अभी भी कोयले से ही एमडीएम बनाया जा रहा है। शनिवार को मोहनपुर स्थित प्लस टू विद्यालय पहुंचने पर कोयले से एमडीएम बनाते देखा गया। जहां किचेन में एक ओर खाली सिलेंडर व लोहे की चूल्हा पड़ा हुआ था। वही कोयले की धुंआ से चारो ओर प्रदूषण फैल रहा था। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नूर इस्लाम ने कहा कि बीते चार दिनों से गैस की कमी है। इसलिए कोयले से एमडीएम बनाया जा रहा है। गैस एजेंसी से निरन्तर सम्पर्क किया जा रहा है। उधर गम्हरिया स्थित प्राथमिक विद्यालय के प्रधान शिक्षक अनन्त कुमार साहा ने बताया कि बीते पांच दिनों से गैस की कमी है। इसलिए कोयले से भोजन बन रहा है। देवापाड़ा स्थित उमवि के प्रधान शिक्षक सिमोन टुडू ने बताया कि अभी करीब दो दिनों का गैस बचा हुआ है। डांगापाड़ा स्थित उउवि में बीते शुक्रवार से गैस की कमी से कोयले से भोजन बन रहा है।वर्तमान समय में कमोबेश सभी विद्यालयों में गैस की स्थिति शेष होने की कगार पर है। इसको लेकर विभागीय रूप से त्वरित पहल होना आवश्यक है। बिडम्बना यह है कि टोंगी व बेलडीहा स्थित विद्यालयों में कोयले से ही भोजन बनाते आ रहा है। ऐसी स्थित सुदूर क्षेत्रो के कई विद्यालयों की है। जहां विभागीय निर्देशो का सरासर उल्लंघन किया जा रहा है।इंडेन गैस एजेंसी संचालक हेमन्त दत्ता से सम्पर्क करने पर बताया कि सामान्य रूप से गैस की कमी है। इसके बावजूद सभी जगहों में गैस उपलब्ध कराया जा रहा है। पूर्व में प्रति सिलेंडर 910 रुपये था। अब 970 रुपये में दिया जा रहा है। गैस को लेकर निबंधित उपभोक्ताओं को ऑनलाइन भुगतान करना आवश्यक है। गैस की कमी होने नही दी जाएगी। वही बीपीओ किशन भगत ने बताया कि गैस को लेकर कुछ परेशानी आ रही है। एमडीएम को लेकर शिक्षको को आवश्यक दिशा निर्देश दी गई है।





