सत्ता के गलियारे में सबरी पाल की चहलकदमी, लोग बोले—कुछ तो गड़बड़ है!
सतनाम सिंह
पाकुड़: अरे भाई, पाकुड़ की सियासत में इन दिनों बड़ा ही दिलचस्प खेल चल रहा है। नगर परिषद अध्यक्ष सबरी पाल का “मिलन कार्यक्रम” कुछ ज्यादा ही चर्चा में है। कभी सत्ता पक्ष के इस नेता से मुलाकात, तो कभी उस नेता से—लोग कह रहे हैं, “दाल में कुछ काला है कि पूरी दाल ही काली है!”ताजा मामला झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से मुलाकात का है, जहां सबरी पाल ने बड़े अदब से बुके भेंट किया। अब इससे पहले झामुमो के पंकज मिश्रा से भी उनका मिलना-जुलना हो चुका है। बस फिर क्या था—गांव-गांव, चौक-चौराहे पर चर्चा गरमा गई।कोई कह रहा है—“का हो, अबकी पाला बदलइ के तैयारी चल रहा है का?”तो कोई तंज कस रहा है—“राजनीति में कब कौन किधर हो जाए, ई त ऊपर वाला भी ना जानता!”याद दिला दें कि सबरी पाल ने भाजपा में रहते हुए ही बागी तेवर अपनाकर नगर परिषद अध्यक्ष का चुनाव जीता था। तब भी सबको चौंकाया था, और अब फिर उनकी सक्रियता लोगों के कान खड़े कर रही है।देहाती अंदाज में लोग कह रहे हैं—“देखी ना, नेताजी लोगन से रोज-रोज मुलाकात हो रहल बा… कुछ ना कुछ तो खिचड़ी जरूर पक रहल बा!हालांकि, खुद सबरी पाल या उनके करीबियों की ओर से इसे सिर्फ शिष्टाचार मुलाकात बताया जा रहा है, लेकिन जनता है कि मानने को तैयार नहीं। लोग साफ कह रहे हैं— “इतना धुआं बिना आग के ना उठता है भइया!अब आने वाले दिनों में ये “मुलाकात का सिलसिला” किस करवट बैठता है, ये देखना दिलचस्प होगा। फिलहाल तो पाकुड़ की राजनीति में सबरी पाल का नाम हर जुबान पर है—और अंदाज वही पुराना, “सरप्राइज वाला!








