पाकुड़िया: प्रखंड की मोंगला बांध पंचायत के डहर टोला में शनिवार देर शाम आई तेज आंधी और वज्रपात ने एक महिला किसान की मेहनत पर पानी फेर दिया। वज्रपात की चपेट में आने से बबीता सोरेन के डेढ़ एकड़ खेत से तैयार फुस का पूरा ढेर जलकर राख हो गया।
बताया गया कि शाम करीब 7 बजे अचानक मौसम बिगड़ा और तेज आंधी के साथ बिजली कड़कने लगी। फुस के ढेर के पास खड़े ताड़ के पेड़ पर वज्रपात हुआ, जिससे निकली चिंगारी सूखे फुस पर गिर गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरा ढेर जलकर खाक हो गया। ग्रामीणों ने आग बुझाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन टोला में पानी की भारी किल्लत के कारण स्थिति पर काबू पाना मुश्किल हो गया। आसपास कोई चालू चापाकल या जलस्रोत नहीं होने से लोग बाल्टी और मिट्टी के सहारे आग बुझाते रहे। आग पर पूरी तरह काबू रविवार सुबह करीब 10 बजे के बाद पाया जा सका। पीड़िता बबीता सोरेन ने बताया कि धान कटाई के बाद फुस बेचकर बरसात के लिए घर खर्च का इंतजाम करना था, लेकिन अब सब खत्म हो गया। डेढ़ एकड़ फुस की कीमत करीब 25 से 30 हजार रुपये आंकी जा रही है। ग्रामीणों की सतर्कता से आग को आसपास की झोपड़ियों तक फैलने से रोक लिया गया, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद भी फुस के ढेर से धुआं उठता रहा और ग्रामीण बारी-बारी से निगरानी करते रहे।ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित महिला किसान को आपदा राहत कोष से शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है।






