पाकुड़: जिले में PVTG (विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह) आंगनबाड़ी केंद्रों में सेविका और सहायिका के चयन को लेकर पहाड़िया जनजाति समुदाय ने विरोध दर्ज कराया है। सोमवार को समुदाय के लोगों ने उपायुक्त एवं जिला कल्याण पदाधिकारी को आवेदन सौंपकर निर्धारित आमसभा की तिथि रद्द करने और जारी सूची में संशोधन की मांग की। इससे पहले 18 अप्रैल 2026 को महेशपुर प्रखंड के बीडीओ और सीडीपीओ को भी आवेदन की प्रतिलिपि दी जा चुकी है। आवेदन में जितिया देहरी, धनाई देहरी, प्रकाश कुमार दहरी, समलय मालतो, बम्बु पहाड़िया और सोनाराम पहाड़िया सहित अन्य ग्रामीणों ने हस्ताक्षर किए हैं। समुदाय के लोगों का कहना है कि बाल विकास परियोजना विभाग द्वारा पत्रांक संख्या 159 के तहत जारी सूची में कई ऐसे गांवों को शामिल किया गया है, जहां पहाड़िया जनजाति के लोग निवास नहीं करते। इसके बावजूद उन गांवों में पहाड़िया वर्ग के पदों पर चयन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जो नियमों के विरुद्ध है। ग्रामीणों ने स्पष्ट मांग की है कि जहां पहाड़िया जनजाति की आबादी नहीं है, वहां इस श्रेणी के पदों पर बहाली नहीं की जाए। इसके बजाय उन गांवों को प्राथमिकता दी जाए, जहां वास्तव में पहाड़िया समुदाय निवास करता है। समुदाय ने जिन गांवों में PVTG के तहत चयन कराने की मांग की है, उनमें खुडुडांगा (जयनागरा पंचायत), अनूपडांगा (रामपुर पंचायत), गारामारा (श्रीरामगढ़िया पंचायत), पारकुड़ा एवं टिट्टापाड़ा (बीरकिटी पंचायत), सदानंदपुर व गोपालनगर (भेंटाटोला पंचायत) तथा विष्णुपुर (श्रीरामगढ़िया पंचायत) शामिल हैं। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि जिन गांवों में पहले से पहाड़िया समुदाय रह रहा है, वहां चयन प्रक्रिया में उसी समुदाय के उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर सूची में आवश्यक संशोधन करने की मांग की है।





