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April 22, 2026 10:07 pm

त्रिपक्षीय वार्ता बेनतीजा, कोयला परिवहन ठप—ट्रांसपोर्टरों का चक्का जाम जारी।

पाकुड़, जिले में कोयला परिवहन को लेकर जारी गतिरोध फिलहाल थमता नहीं दिख रहा है। प्रशासन, कोल कंपनियों और ट्रांसपोर्टरों के बीच एसडीओ कार्यालय में हुई त्रिपक्षीय वार्ता बुधवार को बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई। बैठक का नेतृत्व एसडीओ साइमन मरांडी, महेशपुर एसडीपीओ विजय कुमार और पाकुड़ एसडीपीओ दयानंद आजाद ने संयुक्त रूप से किया। इसमें डीबीएल और बीजीआर कोल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ ट्रांसपोर्टर भी शामिल हुए।
बैठक में ट्रांसपोर्टरों ने भाड़ा बढ़ोतरी को लेकर अपनी मांग मजबूती से रखी। उनका साफ कहना था कि वर्ष 2022 के बाद से भाड़ा में कोई वृद्धि नहीं हुई है, जबकि डीजल, मेंटेनेंस और अन्य खर्च लगातार बढ़ते गए हैं। ट्रांसपोर्टरों ने आंकड़े पेश करते हुए दावा किया कि मौजूदा दरों पर संचालन करने से प्रति वाहन हर महीने करीब 1.84 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है—जिसे प्रशासनिक स्तर पर भी गंभीर माना गया। वहीं, डीबीएल कंपनी ने वर्तमान परिस्थितियों का हवाला देते हुए भाड़ा संशोधन के लिए दो माह का समय मांगा, लेकिन ट्रांसपोर्टर तत्काल निर्णय पर अड़े रहे। इसी टकराव के चलते वार्ता किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी।
गौरतलब है कि ट्रांसपोर्टर बीते शनिवार से अनिश्चितकालीन चक्का जाम पर हैं, जिसके कारण जिले में कोयला परिवहन पूरी तरह ठप हो गया है। हालात ऐसे हैं कि ट्रांसपोर्टरों के अनुसार मौजूदा भाड़ा दरों पर गाड़ियां चलाने से बेहतर उन्हें खड़ा रखना कम नुकसानदेह साबित हो रहा है। वार्ता विफल होने के बाद ट्रांसपोर्टरों ने संकेत दिया है कि जल्द ही एक बड़ी बैठक बुलाकर आगे की रणनीति तय की जाएगी। तब तक चक्का जाम जारी रहेगा। इधर, प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है, लेकिन फिलहाल गतिरोध टूटने के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं।

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