पाकुड़। जिले में रेल सुविधाओं की कमी को लेकर पाकुड़ चैंबर ऑफ कॉमर्स ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। चैंबर के सचिव संजीव कुमार खत्री ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भेजकर पूर्वी रेलवे के जवाब को पूरी तरह असंतोषजनक, भ्रामक और औपचारिक बताते हुए ठोस हस्तक्षेप की मांग की है। चैंबर ने बताया कि 19 फरवरी 2026 को CPGRAMS पोर्टल के माध्यम से पाकुड़ जिले में बेहतर रेल सुविधाओं के लिए विस्तृत और तथ्यात्मक आवेदन दिया गया था। लेकिन 13 अप्रैल को पूर्वी रेलवे द्वारा दिए गए जवाब में केवल ट्रेनों के ठहराव और बरहरवा स्टेशन का जिक्र किया गया, जबकि मुख्य मुद्दों पर कोई स्पष्टता या कार्ययोजना नहीं दी गई।
सचिव संजीव खत्री ने कहा कि चैंबर ने सामान्य जानकारी के लिए नहीं, बल्कि क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन किया था। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बरहरवा स्टेशन (करीब 28 किलोमीटर दूर) का हवाला देना पाकुड़ की जरूरतों को नजरअंदाज करने जैसा है।
पत्र में चैंबर ने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। इसमें पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच, पूर्वी रेलवे से हर बिंदु पर कारण सहित जवाब, पाकुड़ स्टेशन पर प्रमुख मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव के लिए मांग आधारित सर्वे, बरहरवा–पाकुड़ रेलखंड पर अधिक संख्या में MEMU और पैसेंजर ट्रेनों का संचालन, तथा अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कार्य जल्द शुरू कराने की मांग शामिल है। संजीव खत्री ने कहा कि यह केवल रेल सुविधा का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक, औद्योगिक, शैक्षणिक और सामाजिक विकास से जुड़ा हुआ है। वर्तमान स्थिति साफ तौर पर क्षेत्रीय उपेक्षा को दर्शाती है, जिसे अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
चैंबर ने उम्मीद जताई है कि प्रधानमंत्री कार्यालय इस गंभीर जनहित के मुद्दे पर शीघ्र, प्रभावी और ठोस कदम उठाएगा, ताकि पाकुड़ जिले को उसका वाजिब हक मिल सके।






