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May 4, 2026 12:51 am

अम्बेडकर मेला सह बौद्ध मिलन समारोह संपन्न लोगों ने  बुद्ध के शांति, अहिंसा और करुणा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया बाबा साहेब ने आने वाली पीढियां के लिए और समाज के सभी वर्गों को जात-पात से ऊपर उठकर समानता के धरातल पर खड़ा करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब के संविधान निर्माता के रूप में उनके योगदान और उनके समावेशी विचारों को याद किया जाता रहेगा :मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू







जमुआ, गिरिडीह। प्रत्येक  वर्ष की भांति इस वर्ष भी भगवान बुद्ध की 2570 में त्रिविध पावन जयंती जन्म बुद्धि ज्ञान प्राप्त एवं महापरिनिर्वाण वैशाख पूर्णिमा के शुभ अवसर पर दो दिवसीय अम्बेडकर मेला सह बौद्ध मिलन समारोह एवं बुद्ध तथा अम्बेडकर विचारधारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उक्त अवसर पर बुद्ध के शांति, अहिंसा और करुणा के संदेश को जन-जन तक पहुंचने का संकल्प लिया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता, और बौद्ध अनुयायी शामिल हुए ।उपस्थित लोगों ने बाबासाहेब के समता और न्याय के विचारों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सुदिव्य कुमार सोनू,मंत्री नगर विकास, खेलकूद एवं पर्यटन विभाग, झारखंड सरकार। विशिष्ट अतिथि डॉ मंजू कुमारी, विधायक जमुआ विधानसभा,पूर्व विधायक केदार हाजरा,विशिष्ट अतिथि  प्रमिला मेहरा, महापौर, नगर निगम,  गिरिडीह,  आदि मौजूद थे।
उक्त अवसर पर प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी भगवान बुद्ध की 2570 वी त्रिविध पावन जयंती( जन्म बोधि ज्ञान प्राप्त एवं महापरिनिर्वाण वैशाख पूर्णिमा के शुभ अवसर पर दो दिवसीय अम्बेडकर मेला सह  मिलन समारोह एवं बुद्ध तथा अम्बेडकर विचारधारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

झारखंड के नगर विकास मंत्री, पर्यटन मंत्री सुंदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि  30 साल पूर्व कार्यक्रम की अवधारणा,महात्मा बुद्ध, अम्बेडकर,के विचार की गूंज, जमुआ के कंदाजोर से संदेश गिरिडीह होकर रांची तक पहुंचे और दिल्ली तक इसकी गूंज पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने आने वाली पीढियां के लिए और समाज के सभी वर्गों को जात-पात से ऊपर उठकर समानता के धरातल पर खड़ा करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब के संविधान निर्माता के रूप में उनके योगदान और उनके समावेशी विचारों को याद किया जाता है। बाबा साहब की अवधारणा थी की शोषित पीड़ित का दमन होता रहा है। इसलिए आज संगठन का विस्तार ताकत सत्ता को चुनौती देने वाली होगी यह संगठन की ताकत थी की गिरिडीह में झामुमो ने गिरिडीह नगर  निगम में महापौर बनाया। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था,चुनाव, जाति, धर्म के खाते में बांट दिया जाता है। आपको चिंतन मनन करने की जरूरत है। उन्होंने गौतम बुद्ध और अंबेडकर दोनों के सिद्धांतों में निहित मानवतावाद को अनुकरणीय बताया जो जाति भेदभाव से मुक्त समाज की स्थापना में सहायक है। गौतम बुद्ध और डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की नीति सिद्धांत पर चलकर उनके विचार को जन-जन तक पहुंचाना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि बुद्ध का संदेश आज भी प्रासंगिक है।
गिरिडीह नगर निगम के महापौर प्रमिला मेहरा ने कहा कि बाबा साहब को गुरु का दर्जा दिया गया है, जिन्हें अपने जीवन में उतारने का काम करें। हर तब के के लोगों को जोड़ने का काम करें। उनके सिद्धांतों को अपने जीवन में सार्थक बनाने का प्रयास करें। आने वाले समय में बुद्ध विहार, बुद्ध धाम का विकास करने का काम किया जाना चाहिए। इस काम में खासकर युवाओं और महिलाओं को अग्रणी भूमिका निभाने की जरूरत है।
*जमुआ के पूर्व विधायक केदार हाजरा ने कहा कि गौतम बुद्ध और अंबेडकर को सिद्धांतों को सामाजिक सशक्तिकरण का मार्ग माना जाता है, उन्होंने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को समाज के दबे कुचल और वंचित वर्गों का मसीहा बताया। उन्होंने कहा कि अंबेडकर का संविधान और उनके द्वारा दिए गए शिक्षा, संगठित और संघर्ष करो के नारे को धरातल पर उतरना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
*झामुमो केंद्रीय कमेटी सदस्य प्रणव वर्मा ने कहा कि गौतम बुद्ध और अंबेडकर दोनों का विचारधारा एक है।हम बुद्ध की धरती से हैं और बुद्ध की धरती के लोगों का पूरे विश्व के लोग मानते हैं। उन्होंने कहा कि  अहिंसा की करुणा महात्मा बुद्ध, और सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ने वाले अंबेडकर जी यह दोनों अजब संजोग है दोनों के मिलन से समाज का उधर हुआ है उन दोनों लोगों ने शांति के मार्ग में लोगों को ले जाने का काम किया है दलितों को अधिकार दिलाने का काम किया है और सामाजिक कुरीतियों को मिटाने का भूमिका निभाया है। उनके आदर्शों और सिद्धांतों पर हमें आगे बढ़ाने की जरूरत है।

जमुआ विधायक मंजू कुमारी ने महात्मा बुद्ध और बाबा साहेब अंबेडकर दोनों का संदेश समानता, स्वतंत्रता ,करुणा शिक्षा पर आधारित बताया है। जबकि बुद्ध ने नैतिकता के जरिए व्यक्तिगत दुखों से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त किया ।





कार्यक्रम की अध्यक्षता मोहन बौद्ध ने किया, जबकि संचालन कमल दास, जीबी राम, दीपक भारती आदि ने किया।
कार्यक्रम में झामुमो के प्रखंड अध्यक्ष रंजीत राम, रोजन अंसारी,ओमप्रकाश महतो,संतोष कुमार, उप प्रमुख रब्बुल हसन रवानी, काजी मग़हा मुखिया अबूजर नोमानी,सतीश केडिया, नरेश वर्मा, नरेश बौद्ध, नरेश कुमार दास, समेत सैकड़ों लोगों ने अपना अपना विचार व्यक्त किया।

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