Search

July 26, 2026 10:18 pm

सरकारी जमीन पर अस्थायी पार्किंग स्टैंड, युवाओं की हो रही ताबड़तोड़ कमाई

पाकुड़। शहर और आसपास के इलाकों में जब भी सर्कस, मेला, फुटबॉल मैच या कोई बड़ा सांस्कृतिक आयोजन शुरू होता है, आयोजन स्थल के आसपास अस्थायी पार्किंग स्टैंड अचानक सक्रिय हो जाते हैं। स्थानीय स्तर पर कुछ युवा साइकिल, बाइक और चारपहिया वाहनों के लिए स्टैंड तैयार कर वाहन चालकों से पार्किंग शुल्क की वसूली शुरू कर देते हैं। कुछ दिनों से लेकर एक महीने तक चलने वाले आयोजनों के दौरान यह अस्थायी पार्किंग युवाओं के लिए अच्छी-खासी कमाई का जरिया बन जाती है।
बताया जाता है कि दोपहिया वाहनों से ₹20 से ₹30 और चारपहिया वाहनों से करीब ₹50 तक पार्किंग शुल्क लिया जाता है। भगतपाड़ा जैसे इलाकों में लगे अस्थायी साइकिल स्टैंड से प्रतिदिन ₹1,000 से ₹1,500 तक की वसूली होने की बात सामने आ रही है। आयोजन की अवधि लंबी होने पर एक स्टैंड से कुल ₹30 हजार से ₹40 हजार तक की कमाई होने का दावा किया जा रहा है। सरकारी जमीन के इस्तेमाल पर उठ रहे सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन अस्थायी पार्किंग स्टैंडों के लिए कई जगह निजी जमीन के बजाय सरकारी या सार्वजनिक जमीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। आयोजन स्थल के आसपास बैरिकेडिंग कर अस्थायी स्टैंड बना दिए जाते हैं और वहां आने वाले लोगों से पार्किंग शुल्क वसूला जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि सरकारी जमीन पर इस तरह की व्यावसायिक गतिविधि के लिए किसकी अनुमति ली जाती है और वसूली की प्रक्रिया क्या है।
यदि बिना किसी आधिकारिक अनुमति, अनुबंध या वैधानिक प्रक्रिया के सरकारी जमीन पर पार्किंग स्टैंड संचालित किए जा रहे हैं, तो यह गंभीर जांच का विषय है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ऐसे अस्थायी पार्किंग स्टैंडों की जांच कराने, सरकारी जमीन के इस्तेमाल की अनुमति और पार्किंग शुल्क वसूली की व्यवस्था को स्पष्ट करने की मांग की है। साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि यदि जमीन सरकारी है तो उससे होने वाली आय का लाभ किसे मिल रहा है और प्रशासन की ओर से इसकी निगरानी क्यों नहीं की जा रही है।

img 20260726 wa00087413002329985974469
img 20260726 wa00078055717838830941383

Leave a Comment

लाइव क्रिकेट स्कोर
error: Content is protected !!