पाकुड़ में सोमवार को संतों, धर्माचार्यों और गोभक्तों ने जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर गोवंश को ‘राष्ट्रमाता’ और ‘राष्ट्र आराध्या’ का संवैधानिक दर्जा देने की मांग की। ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत सौंपे गए ज्ञापन में देशभर में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और केंद्र सरकार के अधीन पृथक केंद्रीय गोसेवा मंत्रालय के गठन की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। ज्ञापन में गोवंश की सुरक्षा के लिए कड़े कानूनी प्रावधान लागू करने, प्रत्येक जिले में आदर्श गो-अभ्यारण्य स्थापित करने तथा बेसहारा और निराश्रित गोवंश के लिए सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था करने की मांग की गई। इसके अलावा पंचगव्य आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने और गोवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए देशभर में एकीकृत केंद्रीय कानून बनाने की भी मांग रखी गई। इस दौरान मौजूद संतों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गोभक्तों ने गोसेवा, संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में गोवंश का विशेष और पूजनीय स्थान है। ऐसे में इसके संरक्षण के लिए देशभर में प्रभावी और व्यापक नीति लागू करना समय की आवश्यकता है।





